महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला
लुधियाना, 13 मई: जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना शहरी के पूर्व अध्यक्ष एवं पंजाब लार्ज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन पवन दीवान ने लगातार बढ़ रही महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने गरीबों, मजदूर नवर्ग और छोटे कारोबारियों की स्थिति को और अधिक खराब कर दिया है।
दीवान ने मोदी सरकार द्वारा सोना, चांदी और प्लैटिनम पर कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत (और प्लैटिनम पर 15.4 प्रतिशत) करने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस निर्णय की देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई ड्यूटी के कारण भारत में सोना, चांदी और प्लैटिनम की खुदरा कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ज्वेलरी सेक्टर देश के सबसे बड़े रोजगार प्रदाताओं और निर्यात केंद्रित उद्योगों में से एक है, जिसे मांग में कमी, घटते मुनाफे और मैन्युफैक्चरिंग व रिटेल चेन में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे खासकर छोटे ज्वेलर्स और कारीगरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने याद दिलाया कि सरकार पहले ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी कर बेहद हानिकारक और कठोर फैसला ले चुकी है, जिसका सीधा असर घरेलू बजट और छोटे कारोबारों पर पड़ा है। दीवान ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में 993 रुपये तथा 5 किलो वाले सिलेंडरों में 261 रुपये की बढ़ोतरी आम लोगों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के लिए असहनीय बोझ बन चुकी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एलपीजी की बढ़ती कीमतें केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में भी वृद्धि करती हैं, जिससे महंगाई का संकट और गहरा हो जाता है।
दीवान ने कहा कि महंगाई केवल एलपीजी तक सीमित नहीं है। दालों, सब्जियों और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी तथा परिवहन लागत बढ़ने से देशभर के परिवारों के लिए जीवन बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू बजट इन बढ़ोतरी के बोझ तले टूट रहे हैं, छोटे ढाबों और खाने-पीने की दुकानों को बंद होने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और मजदूर भोजन व ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस दौरान केंद्र पर आरोप लगाते हुए, दीवान ने कहा कि सरकार ने चुनावों से पहले कीमतों में बढ़ोतरी को जानबूझकर रोके रखा और अब जनहित से ज्यादा राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन बढ़ोतरी का समय यह साबित करता है कि सरकार के लिए लोगों की जिंदगी से ज्यादा वोट महत्वपूर्ण हैं।
दीवान ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि जैसा पहले भी आशंका जताई गई थी, घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को फ्रीज किया जाना चाहिए ताकि परिवारों और यात्रियों को राहत मिल सके। उन्होंने कमर्शियल एलपीजी मूल्य वृद्धि वापस लेने और सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ोतरी को तुरंत रद्द करने की भी मांग की, ताकि पहले से बढ़ती लागतों से जूझ रहे छोटे कारोबारियों, ढाबा संचालकों और मजदूरों को राहत मिल सके।
दीवान ने एक बार फिर दोहराया कि कांग्रेस ने पहले ही चेतावनी दी थी कि चुनावों के बाद कीमतों में तेज बढ़ोतरी होगी और मौजूदा हालात उस चिंता को सही साबित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए भूख, परेशानी और अपमान से भरा रोजमर्रा का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि सरकार को संकट और अधिक गंभीर होने से पहले कमजोर वर्गों को राहत देने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।
