गढ़शंकर। मानसा में लंबे समय से नशे के खिलाफ अभियान चला रहे परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज एक्शन कमेटी और विभिन्न संगठनों के आह्वान पर गढ़शंकर शहर और सैला खुर्द में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बंद के दौरान निजी स्कूल और अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जबकि सरकारी स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। हालांकि, विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही।
गढ़शंकर-महिलपुर मार्ग पर बस सेवा ठप रहने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए। चाय की दुकानें और ढाबे पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर भी सामान्य दिनों के मुकाबले यातायात काफी कम रहा।
इस दौरान गढ़शंकर के बंगा चौक में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना देकर नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताई। वक्ताओं ने नशे के प्रसार के लिए पंजाब सरकार और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग उठाई।
धरने में शेरे पंजाब किसान यूनियन के जसवंत सिंह भठ्ठल, परमजीत सिंह बारापुर , शिरोमणि अकाली दल बादल के गढ़शंकर के पूर्व विधायक सुरिंदर सिंह राठां, कांग्रेस नेता जसवीर सिंह पुरखोवाल, वारिस पंजाब के हलका प्रभारी राजिंदर सिंह चक सिंघा, मास्टर करनैल सिंह, हरजीत सिंह, बूटा सिंह अलीपुर, निशान सिंह सुमदड़ा, नगर परिषद गढ़शंकर के पूर्व अध्यक्ष राजिंदर सिंह शूका, संजीव कटारिया, ओंकार सिंह चाहलपुरी, ओंकार सिंह जंजुआ, सतविंदर सिंह पेंसरा, जसपाल सिंह कुकड़ां, सुच्चा सिंह, हरप्रीत सिंह रिंकू बेदी, हरमेश सिंह ढेसी, किसान नेता कुलविंदर सिंह चाहल, बाबा मलकीत सिंह, बलवीर सिंह बिंजो, बलवीर सिंह डोगरपुर, कश्मीरा सिंह, कृष्ण बधन, जगदेव सिंह, जेपी सिंह, मनराज वीर सिंह, कुलराज वीर सिंह, जगपाल सिंह रूड़की खास, धर्मवीर सिंह राजा, अजय बिल्डो, जुगिंदर सिंह महताबपुर, सतनाम सिंह रोड़मजारा और अमृतपाल सिंह संघा सहित विभिन्न संगठनों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे।
