संतोष शर्मा के निधन पर सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने जताया गहरा शोक
समाजसेवा में अग्रणी रहीं संतोष शर्मा, दिल्ली में हुआ अंतिम संस्कार
जीएल महाजन। नई दिल्ली : जिला ऊना के गांव बड़ोली-राजपुरा की सुप्रसिद्ध समाजसेविका एवं प्रसिद्ध उद्योगपति स्वर्गीय पंडित अमरनाथ शर्मा की धर्मपत्नी संतोष शर्मा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। करीब 90 वर्ष की संतोष शर्मा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। उनके निधन पर जिला ऊना की अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
संतोष शर्मा का परिवार बड़ोली-राजपुरा के सामान्य परिवार से निकलकर दिल्ली में अपनी मेहनत और समाजसेवा के क्षेत्र में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए जाना जाता है। उनके पति पंडित अमरनाथ शर्मा ने ए.एन.एस. कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्थापित कर देश की कई महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दिया। भाखड़ा-नंगल-सतलुज-व्यास लिंक नहर के निर्माण में भी उनकी कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बड़े प्रोजेक्टों के निर्माण के बावजूद पंडित अमरनाथ शर्मा अपने गांव की मिट्टी से जुड़े रहे।
उन्होंने 1990 के दशक में अपने निजी खर्च से बड़ोली-राजपुरा में सड़क का निर्माण करवाया और गांव में स्ट्रीट लाइटें भी लगवाईं। उनके पुत्र महेंद्र शर्मा श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ट्रस्ट के सदस्य हैं और धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान देते रहे हैं। परिवार ने शीतला माता शिवालय में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से चांदी से गणेश की नक्काशी भी करवायी।
संतोष शर्मा भी अपने पति के साथ सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में बराबर की भागीदारी निभाती थीं। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया, जहां उनके पुत्रों अश्विनी शर्मा, महेंद्र शर्मा और राजेश शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
उनके निधन पर दिल्ली में बसे हिमाचलियों सहित परिवारजनों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
