मकान बनाने वालों को बड़ी सुविधा नक़्शे के लिए ऑफिस जाने की ज़रूरत नहीं, आर्किटेक्ट ही दे पायेंगे अनुमति : आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर

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रोहित जसवाल।  ऊना :  500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों की योजना अनुमति के लिए अब नगर निगम कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। यह अनुमति पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स द्वारा दी जा सकती है। नगर निगम ऊना के आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि लोगों की सुविधा और समय की बचत के लिए राज्य सरकार ने यह व्यवस्था पहले ही लागू कर रखी है।
आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के नगर एवं ग्राम योजना विभाग की 15 सितम्बर, 2022 की अधिसूचना के तहत हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 77 के अंतर्गत निदेशक, नगर एवं ग्राम योजना की शक्तियां पंजीकृत प्राइवेट प्रोफेशनल्स को हस्तांतरित की गई हैं। इसके अनुसार राज्य के सभी अधिसूचित योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों, शहरी स्थानीय निकायों और हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण की कॉलोनियों में आवासीय उपयोग के लिए 500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर भवन योजना का अनुमोदन पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स कर सकते हैं। यह अधिसूचना राज्य राजपत्र में प्रकाशित है।
उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता को नगर एवं ग्राम योजना विभाग में पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट या अभियंता के माध्यम से निर्धारित ऑनलाइन व्यवस्था के तहत ही योजना अनुमति लेनी होगी। ऐसे मामलों में नगर निगम कार्यालय से अलग से कोई अनुमति जारी नहीं की जाती।
श्री गुर्जर ने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था भी लागू है। नियमानुसार स्वीकृत मामलों का निरीक्षण नगर एवं ग्राम योजना विभाग और संबंधित शहरी स्थानीय निकायों द्वारा किया जाता है। यदि कहीं भी स्वीकृत योजना से हटकर निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में योजना अनुमति निरस्त की जा सकती है और संबंधित पंजीकृत प्राइवेट प्रोफेशनल का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है। निर्माण स्थल पर स्वीकृत योजना से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करना और निर्माण कार्य को पूरी तरह अनुमोदित मानचित्र के अनुसार करना अनिवार्य होगा।
आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय भवनों की योजना अनुमति के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर न लगाएं और पंजीकृत प्राइवेट आर्किटेक्ट्स के माध्यम से ही आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों को समयबद्ध और सरल सेवाएं देने की दिशा में उठाया गया कदम है।
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