चंडीगढ़ : चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एक बार फिर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी में अपनी अनदेखी को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है। तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर मशहूर शायर हबीब जालिब की एक शायरी साझा की, जिसके बाद उनके कांग्रेस नेतृत्व से नाराज होने के कयास तेज हो गए हैं।
तिवारी ने अपनी पोस्ट में लिखा:
“झुका के सर को हो जाता जो ‘सर’ मैं, तो लीडर भी अज़ीमुश्शान होता…”
इस शायरी का भाव यह है कि यदि व्यक्ति अपने सिद्धांतों से समझौता कर सत्ता या प्रभावशाली लोगों के सामने झुक जाए, तो उसे बड़े पद और सम्मान मिल सकते हैं। लेकिन जो अपने स्वाभिमान और मूल्यों पर अडिग रहता है, उसे अक्सर ऐसी उपलब्धियां नहीं मिलतीं।
तिवारी की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि वह पार्टी में खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनके कांग्रेस छोड़ने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, मनीष तिवारी ने अपनी पोस्ट को लेकर किसी तरह की राजनीतिक टिप्पणी या पार्टी छोड़ने के संकेत स्पष्ट रूप से नहीं दिए हैं।
इस बीच कांग्रेस ने इन अटकलों को खारिज करने की कोशिश की है। पार्टी के प्रवक्ता जसकरण सिंह काहलों ने कहा कि उन्होंने तिवारी की पोस्ट देखी है, लेकिन उसका कोई अलग राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
काहलों ने कहा, “मैं शेरो-शायरी की ज्यादा समझ नहीं रखता, लेकिन हो सकता है कि मनीष तिवारी जी को यह शायरी अच्छी लगी हो, इसलिए उन्होंने इसे साझा किया। वह कांग्रेस के बहुत वरिष्ठ नेता हैं, उनका लंबा अनुभव है और वे पार्टी की बड़ी संपत्ति हैं। उनकी पोस्ट को गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।”
