मुख्यमंत्री ने जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित एफसीए और एफआरए मामलों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश

by
एएम नाथ । शिमला  :  मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित एफसीए और एफआरए मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वीकृतियों संबंधी मामलों के कारण लगभग 11 हजार मेगावाट क्षमता की जल विद्युत परियोजनाएं रूकी हुई हैं। उन्होंने एफसीए और एफआरए प्रक्रिया को सुगम बनाने के दृष्टिगत वन और ऊर्जा विभाग को एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिलों में आवश्यक वनीकरण के दृष्टिगत उपायुक्तों और वनमण्डलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने को भी कहा।
                 मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर राज्य बनाने के दृष्टिगत जल विद्युत क्षमता का समुचित दोहन सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी संबंधित विभाग इन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने तथा लोगों को इसका समय पर लाभ उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत कार्य करें। उन्होंने 800 मेगावाट क्षमता की पार्वती और 100 मेगावाट की ऊहल तृतीय चरण जल विद्युत परियोजनाओं को वर्ष, 2024 तक पूरा करने के भी निर्देश दिए।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश व यहां के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है और विद्युत परियोजनाओं में रॉयल्टी बढ़ाने का मामला इसी के दृष्टिगत उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा के लिए वे शीघ्र ही केन्द्रीय विद्युत मंत्री के साथ बैठक करेंगे ताकि प्रदेश के लिए और अधिक राजस्व सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार विद्युत परियोजनाओं को पहले 12 वर्षों में 20 प्रतिशत, अगले 18 वर्षांे में 30 प्रतिशत व शेष 10 वर्षांे में 40 प्रतिशत रॉयल्टी राज्य को देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने पांच मेगावाट से कम क्षमता की विद्युत परियोजनाओं के लिए हरसंभव मदद का भी आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चरण-2 की भी समीक्षा की। इसके तहत राज्य सरकार 100 किलोवाट से 500 किलोवाट क्षमता की सौर विद्युत परियोजनाओं के लिए युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही द्वितीय चरण की यह योजना शुरू करेगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के समुचित अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना आरम्भ कर इसके प्रथम चरण में ई-टैक्सी की खरीद पर युवाओं को 50 प्रतिशत उपदान का प्रावधान किया है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, अधोसंरचना सलाहकार अनिल कपिल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, राज्य विद्युत बोर्ड के निदेशक कार्मिक डॉ. अमित कुमार शर्मा, हिमऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभकरण सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कॉलेजों में ‘नई शिक्षा नीति’ का आगाज : छात्र अब चुन सकेंगे 3 या 4 साल की डिग्री, अधिसूचना जल्द जारी होगी

एएम नाथ । शिमला : हिमाचलप्रदेश के कॉलेजों में जहां छात्रों की संख्या कम होगी, वहां तीन वर्षीय डिग्री और जहां संख्या अधिक होगी, वहां चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सहपाठ्यक्रम गतिविधियों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बद्दी में सुरक्षा जागरूकता हेतु फायर मॉक ड्रिल का आयोजन

बीबीएन, 17 अप्रैल (तारा) : पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बद्दी परिसर में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु फायर मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन स्थानीय...
article-image
हिमाचल प्रदेश

युवाओं को विदेशों में भी रोजगार दे रही है प्रदेश सरकार : सुनील शर्मा बिट्टू

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार ने डिडवीं टिक्कर स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों को बांटे पुरस्कार एएम नाथ।  हमीरपुर 20 नवंबर। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डिडवीं...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

Himachal: सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की तबीयत बिगड़ी, आईजीएमसी में करवाए टैस्ट, डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आईजीएमसी शिमला लाया गया। यहां उनके सभी रूटीन टैस्ट किए गए। इसके बाद वह अपने सरकारी आवास...
Translate »
error: Content is protected !!