शिकारी देवी मंदिर : पांडवों ने की थी स्थापना, आज तक कोई नहीं बनवा सका छत

by

एएम नाथ । मंडी : भारत को मंदिरों की भूमि कहा जाता है। यहां कई अलौकिक और अनोखे मंदिर मौजूद हैं, जिनकी अपनी खासियत और महत्व है। उन्हीं में से एक मंदिर देवताओं की भूमि कहे जाने वाले राज्य हिमाचल प्रदेश में मौजूद है, जो द्वापर युग का बताया जाता है।

 

इस मंदिर का नाम ‘शिकारी देवी मंदिर’ है, जो देवी दुर्गा को समर्पित है। माना जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल का है और इसकी स्थापना पांडवों ने अपने वनवास के दौरान की थी।

शिकारी देवी मंदिर उत्तरी भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित है, जो सनार्ली से 18 किलोमीटर से अधिक दूरी पर करसोग घाटी में है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शिकारी देवी मंदिर में ऋषि मार्केंडय ने कई वर्षों तक ध्यान किया था, जिसके बाद देवी उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर यहां प्रकट हुई और उन्हीं के कहने पर इस स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण कराया गया।

शिकारी देवी मंदिर में वहां के स्थानीय शिकारी अपने शिकार से पहले देवी की पूजा करते हैं ताकि उन्हें शिकार में सफलता मिले और देवी शिकार के दौरान जंगली जानवरों से होने वाले खतरे से भी उनकी रक्षा करें। यही कारण है कि इस मंदिर को शिकारी देवी कहा जाता है और शिकार से पहले शिकारियों द्वारा मंदिर में देवी का आह्वान किया जाता है।

शिकारी देवी मंदिर अन्य मंदिरों से इसलिए भी अलग है क्योंकि इसकी छत नहीं है। बीते वर्षों में स्थानीय लोगों और कई राजनेताओं ने मंदिर की छत बनवाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कोई भी इस कार्य में सफल नहीं हो सका। जब भी कोई इस मंदिर की छत बनवाने की कोशिश करता तो अचानक आई तेज आंधी-तूफान से छत गिर जाती।

ऐसा माना जाता है कि शिकारी देवी ईंट-पत्थर से बनी छत के बजाय खुले आसमान को अपना छत्र मानती हैं। इस मंदिर से जुड़ी एक और अद्भुत बात यह है कि जब भी इस क्षेत्र में बर्फबारी होती है, पूरा इलाका कई फीट मोटी बर्फ की चादर से ढक जाता है, लेकिन मंदिर परिसर, विशेष रूप से भीतरी भाग, बर्फ से मुक्त रहता है। इसके पीछे की वजह क्या है? यह आज भी दुनिया के सामने सिर्फ और सिर्फ एक रहस्य बना हुआ है।

लोगों का मानना है कि यह शिकारी देवी का चमत्कार है। नवरात्रि के दौरान शिकारी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी तादाद में भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि जो भक्त शिकारी देवी मंदिर में सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से आते हैं, देवी उनके सभी दुखों को दूर कर भक्तों के सभी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कांगड़ा वैली कार्निवल : आर.एस बाली ने कहा प्रदेश के अनछुए स्थलों को प्रमुखता से उभारने की दिशा मे काम किया जाएगा ने कहा

आर.एस बाली ने की दूसरी सांस्कृतिक सन्ध्या की अध्यक्षता धर्मशाला, 18 जून। कांगड़ा वैली कार्निवल की दूसरी सांस्कृतिक सन्ध्या की अध्यक्षता पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक)...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ा बड़ा स्कैंडल : 5600 आपत्तिजनक वीडियो ..80,000 तस्वीरें और चैट रिकॉर्ड बरामद …100 करोड़ की ठगी का भंडाफोड़

थाईलैंड में बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ा एक ऐसा स्कैंडल सामने आया है, जिसने हर किसी को परेशान कर दिया है। इस मामले में एक महिला की भूमिका सामने आई है। महिला को गिरफ्तार कर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

कृषि मंत्री ने बरियाल स्कूल में नवाजे मेधावी छात्र : शिक्षक बच्चों के सबसे बड़े प्रेरक व मार्गदर्शक: कृषि मंत्री चंद्र कुमार

नगरोटा सूरियां,11 जनवरी। कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा है कि शिक्षक बच्चों के लिए सबसे बड़े प्रेरक और मार्गदर्शक होते हैं जिनसे बच्चे आगे बढ़ने की प्रेरणा लेते हैं व...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

कोई मुकदमा नहीं, केवल दिखावा’: सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने पर पंजाब, हरियाणा सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा सरकार को पराली जलाने के कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के मामले में आड़े हाथों लिया। 16 अक्टूबर को कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकार...
Translate »
error: Content is protected !!