शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की जांच अब महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी एटीएस तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र एटीएस और पुणे पुलिस ने हमले के आरोपी जसपाल सिंह के पुणे स्थित घर और उसके लॉ ऑफिस की तलाशी ली है।
जांच एजेंसियां आरोपी की पुणे में पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और पिछले कुछ समय की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमले के पीछे कोई व्यापक साजिश या अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
नांदेड़ के गुरुद्वारे में हुआ था हमला
यह घटना महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगट में हुई थी। सुखबीर सिंह बादल वहां मौजूद थे, तभी एक व्यक्ति ने कृपाण से उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ में चोट लगी थी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। शुक्रवार को इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना का संज्ञान लेते हुए सुखबीर बादल से बातचीत की थी और मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।
आरोपी से पूछताछ में क्या सामने आया?
सूत्रों के अनुसार, आरोपी जसपाल सिंह पहले वकील था और बाद में नांदेड़ के गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम करने लगा। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर नाराजगी जताई और इसके लिए सुखबीर बादल को जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक हमले के पीछे के ठोस मकसद की पुष्टि नहीं की है। महाराष्ट्र पुलिस और एटीएस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
सुखबीर बादल बोले- मैं कभी नहीं डरा
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनका मानना है कि हमले का उद्देश्य पंजाब के हालात पर नियंत्रण करना और राज्य की शांति भंग करना है। उन्होंने कहा कि अकाली दल पंजाब के भाईचारे और धार्मिक सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है और वे किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं।
