किशाऊ परियोजना से प्रदेश को करीब 3,000 करोड़ की बचत का दावा; वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में 401 करोड़ मिलने की बात
एएम नाथ। सराहां। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार किसी के सामने नहीं झुकेगी। वह शुक्रवार को सिरमौर जिले के सराहां में वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर हाल में हुए समझौते को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर कई वर्षों से सहमति नहीं बन पा रही थी। उनके अनुसार पिछली भाजपा सरकार ने विद्युत परियोजना की लागत वहन करने पर सहमति जताई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने यह पक्ष रखा कि जिन राज्यों को पानी की आवश्यकता है, परियोजना की लागत उन्हीं राज्यों को वहन करनी चाहिए।
सुक्खू ने कहा कि इस समझौते से प्रदेश के खजाने के करीब 3,000 करोड़ रुपये बचने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि परियोजना शुरू होने के बाद हिमाचल को हर वर्ष लगभग 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की संभावना है। उन्होंने बीबीएमबी की लंबित बकाया राशि के मामले में भी सकारात्मक संकेत मिलने की बात कही और उम्मीद जताई कि सर्वोच्च न्यायालय से प्रदेश के हित में जल्द निर्णय आएगा।
वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले में 401 करोड़ मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 23 वर्षों के बाद सर्वोच्च न्यायालय में यह कानूनी लड़ाई जीती है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद राज्य के खजाने में 401 करोड़ रुपये जमा हुए हैं और होटल से प्रदेश को करीब 2 करोड़ रुपये प्रतिमाह राजस्व मिल रहा है।
आरडीजी बंद होने से 8 से 10 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) सहायता बंद होने से प्रदेश को करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर वेतन-पेंशन देने के साथ लंबित बकाया भी जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि क्लास-3 कर्मचारियों के पेंशन संबंधी बकाया का पूरा भुगतान किया जा चुका है तथा महंगाई भत्ते की शेष किस्तें भी समय पर जारी की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पुरानी पेंशन योजना बहाल की थी और भविष्य में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि भाजपा सत्ता में लौटती है तो कर्मचारियों की ओपीएस व्यवस्था बंद कर देगी।
ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मासिक आय को 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने किसानों और पशुपालकों के हित में दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि तथा प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान किए जाने की बात कही। अदरक को भी समर्थन मूल्य व्यवस्था के दायरे में लाने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। उनके अनुसार निजी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा पर करीब एक लाख रुपये तक खर्च आता है, जबकि सरकारी स्कूलों में कम लागत पर समान प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
आपदा प्रभावितों की सहायता बढ़ाने का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से वित्तीय सहायता 1.50 लाख से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई थी, लेकिन उनके अनुसार राज्य को अभी तक इस घोषणा के तहत धनराशि प्राप्त नहीं हुई है।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के कदमों का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने दावा किया कि सरकार ने अब तक करीब 3,000 करोड़ रुपये की सार्वजनिक धनराशि बचाई है। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का इस्तेमाल अनाथ बच्चों, विधवाओं और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए और स्मारिका का विमोचन भी किया।
हर्षवर्धन चौहान ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने क्षेत्र को करीब 300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा के साथ राजनीतिक संकट का भी सामना किया और आरोप लगाया कि भाजपा ने निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया।
पूर्व मंत्री गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आने के समय करीब 75 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और कर्मचारियों से संबंधित लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां विरासत में मिली थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा किया है और ओपीएस बहाल की है।
कांग्रेस नेता दयाल प्यारी ने पच्छाद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री का विभिन्न विकास परियोजनाएं शुरू करने के लिए आभार जताया।
इस अवसर पर विधायक विनोद सुल्तानपुरी, अजय सोलंकी और सुदर्शन बबलू, सिरमौर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आनंद परमार, उपायुक्त प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निशांत नेगी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
