चंडीगढ़, 12 जून: आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) के प्रतिनिधिमंडल ने आज सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब की निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल से मुलाकात कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से संबंधित महत्वपूर्ण मांगों और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) के वित्त सचिव अमृतपाल बाजवा तथा ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स की महासचिव ऊषा रानी भी शामिल हुईं। इस अवसर पर विभाग के उपनिदेशक कुलविंदर सिंह भी उपस्थित थे।
यूनियन की ओर से सहायिकाओं को दसवीं योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने के मामले का तुरंत समाधान करने की मांग की गई। इसके अलावा माताओं के सशक्तिकरण कार्यक्रम तथा अन्य सरकारी गतिविधियों के दौरान छुट्टियों वाले दिनों में सहायिकाओं को बिना किसी भुगतान के ड्यूटी पर बुलाए जाने का कड़ा विरोध किया गया और ऐसे कार्यों के लिए उचित मानदेय देने की मांग उठाई गई।
बैठक के दौरान सुपरवाइजरों की भर्ती में हो रही अनावश्यक देरी का मुद्दा भी उठाया गया और भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की गई। यूनियन ने हाल ही में पोषण राशन में मिले जहरीले और गैर-मानक पदार्थों के गंभीर मामले की ओर भी निदेशक का ध्यान आकर्षित किया और बच्चों तथा गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। डॉ. सोना अग्रवाल ने यूनियन द्वारा उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और शीघ्र समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
इसी दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बिना प्रीमियम वाली बीमा योजना संबंधी भी निदेशक की अध्यक्षता में बैंकों और संगठनों की बैठक हुई। बैठक में पंजाब के कई प्रमुख बैंकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एक्सिस बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से अपने प्रस्तावित बीमा और बैंकिंग पैकेज प्रस्तुत किए गए, जबकि अन्य बैंकों द्वारा अपने प्रस्ताव अगली बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। संगठनों की ओर से मांग की गई कि किसी भी निर्णय से पहले बीमा पैकेजों के सभी विवरण, लाभ, शर्तें, आयु सीमाएं तथा सहायिकाओं सहित सभी कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाए। यूनियन ने स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी भी योजना को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
निदेशक डॉ. सोना अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही दोबारा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी बैंक अपने विस्तृत पैकेज प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद संगठनों के साथ विचार-विमर्श करके उस बैंक का चयन किया जाएगा जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सबसे बेहतर और अधिकतम लाभकारी सुविधाएं प्रदान करेगा।
