होशियारपुर, 6 नवंबर: जिला मजिस्ट्रेट आशिका जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले की सीमा के भीतर सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा के लिए विभिन्न पाबंदियों के सख्त आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जारी मुख्य पाबंदियां और निर्देश निम्नलिखित हैं:
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- श्रमिकों और किरायेदारों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन:
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- पोल्ट्री फार्म, राइस शैलर, ईंट-भट्टों और स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज के मालिकों को अपने प्रत्येक नौकर/श्रमिक का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
- मालिकों को अपने रजिस्टर में कर्मचारी का नाम, पूरा पता, तीन तस्वीरें (दाएं, बाएं और सामने का पोज), फिंगरप्रिंट और उनके रिश्तेदारों के पते दर्ज करने अनिवार्य हैं। यह सारा रिकॉर्ड तुरंत संबंधित थाने या पुलिस चौकी में दर्ज करवाना होगा।
- मकान और दुकान मालिकों के लिए भी अपने मौजूदा और भविष्य के किरायेदारों का नाम और पूरा पता तुरंत नजदीकी थाने में दर्ज करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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- हरे पेड़ों की कटाई पर पूर्ण रोक:
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- जिले के भीतर हरे आम, नीम, पीपल और बरगद (बोहड़) के पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- विशेष परिस्थितियों में डीलिस्ट क्षेत्र से इन पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग (पंजाब भूमि सुरक्षा अधिनियम-1900 की प्रक्रिया के तहत) और अन्य क्षेत्रों के लिए डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर के कार्यालय से अग्रिम अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
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- मिलिट्री रंग और वर्दी के अवैध उपयोग पर प्रतिबंध:
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- आम नागरिकों द्वारा मिलिट्री ओलाइव हरे रंग (मिलिट्री रंग) की जीपों, मोटरसाइकिलों या अन्य वाहनों के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
- किसी भी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा आर्म्ड फोर्सेस, पंजाब पुलिस, बीएसएफ या मिलिट्री रंग की वर्दी पहनने, उसे बेचने और खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह आदेश आधिकारिक सुरक्षा बलों के कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
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- नहरों, बांधों और पशुओं से संबंधित नियम:
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- जिले की छोटी-बड़ी नहरों, चोअ के बांधों और ब्यास नदी के धुस्सी बांध में पशुओं को नहलाने या पानी पिलाने पर मुकम्मल रोक है।
- पशुओं को सरेआम सड़कों पर या सार्वजनिक स्थानों पर चराने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
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- एम्युनिशन डिपो के पास आग लगाने पर रोक:
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- तहसील दसूहा के 18-एम्युनिशन डिपो (उच्ची बस्सी) की बाहरी चारदीवारी के 1,000 गज (914 मीटर) के दायरे के भीतर फसलों के अवशेष (पराली/नाड़) को आग लगाने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह आदेश 7 जनवरी, 2027 तक लागू रहेगा।
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- श्रमिकों और किरायेदारों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन:
