15 दिसंबर तक राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के लंबित मामलों को निपटाने का लक्ष्य, विशेष राजस्व अदालतों के माध्यम से सुनवाई में तेजी लाने की पहल
रोहित जसवाल। ऊना, 19 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश सरकार राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए भूमि संबंधी मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विशेष अभियान के तहत ऊना जिले में इंतकाल, तकसीम, निशानदेही और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उपायुक्त जतिन लाल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित किया है।
जिला प्रशासन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में अब तक जिले में कुल 9,647 राजस्व मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई है। इनमें इंतकाल के 7,265, निशानदेही के 1,597, तकसीम के 590 और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के 195 मामले शामिल हैं। प्रशासन का उद्देश्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी लाकर लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
विशेष राजस्व अदालतों में हो रही सुनवाई
जिला राजस्व अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के लिए जिले में प्रत्येक सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को विशेष तकसीम अदालतें लगाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त महीने के अंतिम दो दिनों में भी राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि लंबित प्रकरणों की सुनवाई और निपटारे के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकें।
इन अदालतों के माध्यम से भूमि संबंधी मामलों की सुनवाई को गति देने और लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए अनावश्यक इंतजार से राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
15 दिसंबर तक रिकॉर्ड दुरुस्ती की पेंडेंसी खत्म करने का लक्ष्य
उपायुक्त जतिन लाल ने राजस्व अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में आयोजित बैठक में उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती के सभी लंबित मामलों को 15 दिसंबर तक निपटाने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही निशानदेही और तकसीम के लंबित मामलों पर शीघ्र कार्रवाई करने तथा इंतकाल और जमाबंदी से जुड़े प्रकरणों की पेंडेंसी कम करने पर भी जोर दिया।
विकास परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण की समीक्षा
राजस्व विभाग की जिम्मेदारी केवल लोगों के निजी भूमि संबंधी मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उपायुक्त ने हालिया बैठक में ऐसे मामलों की उपमंडलवार समीक्षा की और लंबित प्रकरणों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना के कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश
स्वामित्व योजना के तहत लंबित महालों के मानचित्र अपलोड करने, पटवारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने और ड्रोन मैपिंग के बाद की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी जोर दिया गया है। इन कार्यों से राजस्व रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को सुचारू बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन का कहना है कि राजस्व सेवाओं में सुधार का मुख्य उद्देश्य लोगों के भूमि संबंधी कार्यों को सरल बनाना और उनका समय पर निपटारा सुनिश्चित करना है। इसके लिए विशेष राजस्व अदालतों, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
