ईडी पहुंचा जोगिंद्रा बैंक सोलन घोटाला : रविंदर कुमार, प्रबंधक पर वर्षों से रिकॉर्ड दबाने के आरोप

by

एएम नाथ। सोलन : जोगिंद्रा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (जेसीसीबी) में वर्ष 2000 से अब तक ₹100 करोड़ से अधिक के कथित बैंकिंग घोटालों और धनशोधन के मामले में रविंदर कुमार, प्रबंधक का नाम कटघरे में आ गया है। पूरे प्रकरण में रविंदर कुमार, प्रबंधक को कथित रूप से रिकॉर्ड दबाने वाला मुख्य सूत्रधार बताते हुए मुकेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से ईसीआईआर/एफआईआर दर्ज करने की औपचारिक मांग की है।
मुकेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, रविंदर कुमार, प्रबंधक बीते दो दशकों से अधिक समय तक बैंक के मुख्यालय में संवेदनशील शाखाओं में पदस्थ रहा और इसी दौरान ऑडिट रिपोर्टों को दबाने, आपत्तियों को निष्प्रभावी करने, ऋण दस्तावेजों में हेरफेर करने तथा कथित आर्थिक अपराधों को छिपाने की भूमिका निभाता रहा। शिकायत में कहा गया है कि रविंदर कुमार, प्रबंधक केवल दर्शक नहीं, बल्कि पूरे तंत्र का मुख्य कड़ी रहा है।
शिकायत के अनुसार रविंदर कुमार, प्रबंधक के संरक्षण और सक्रिय भूमिका के बिना फर्जी ऋण स्वीकृति, एनपीए का एवरग्रीनिंग, तनावग्रस्त खातों की गलत श्रेणीकरण और मूल बैंक रिकॉर्ड के नष्ट/गायब होने जैसे गंभीर कृत्य संभव ही नहीं थे। मुकेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि रविंदर कुमार, प्रबंधक ने जानबूझकर ऐसे रिकॉर्ड दबाए, जिनसे करोड़ों रुपये के घोटालों का पर्दाफाश हो सकता था।
मुकेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि रविंदर कुमार, प्रबंधक ने राम पाल (एजीएम), कुलदीप सिंह (एजीएम), हरीश शर्मा (एजीएम), गुरमीत सिंह (सीनियर मैनेजर) और पंकज सूद (प्रबंध निदेशक) सहित अन्य अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर अपराध की आय को वैध दिखाने का प्रयास किया। लेकिन इस पूरे नेटवर्क में रविंदर कुमार, प्रबंधक को रिकॉर्ड-कंट्रोल और छुपाव का मुख्य संचालक बताया गया है।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि रविंदर कुमार, प्रबंधक को असामान्य रूप से लंबे समय तक एक ही स्थान पर बनाए रखना सुनियोजित रणनीति थी, ताकि वह वर्षों से चले आ रहे कथित घोटालों के जीवित भंडार के रूप में काम करता रहे। अधिवक्ता शर्मा के अनुसार, यदि रविंदर कुमार, प्रबंधक से हिरासत में पूछताछ नहीं की गई तो 25 वर्षों से दबे आर्थिक अपराध हमेशा के लिए दफन हो सकते हैं।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार शर्मा ने यह भी रेखांकित किया है कि जब राम पाल और कुलदीप सिंह के विरुद्ध अलग-अलग वर्षों में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, तब भी रविंदर कुमार, प्रबंधक द्वारा संबंधित रिकॉर्ड दबाए जाने के कारण पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
अंततः मुकेश कुमार शर्मा, अधिवक्ता ने ईडी से मांग की है कि रविंदर कुमार, प्रबंधक के विरुद्ध तत्काल ईसीआईआर/एफआईआर दर्ज कर, तलाशी, जब्ती, कुर्की और हिरासत में पूछताछ की जाए, ताकि ₹100 करोड़ से अधिक के कथित घोटाले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

आजादी के रणबांकुरों के इतिहास से रू-ब-रू होगी युवा पीढ़ी : दाड़ी में मेजर दुर्गा मल-कैप्टन थापा की स्मृति में बनेगा भव्य संग्रहालय: बाली

सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध धर्मशाला, 25 अगस्त। पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि पर्यटन विभाग के माध्यम से धर्मशाला के दाड़ी में शहीद...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चंबा में आग की भेंट चढ़े 2 मकान 20 मवेशी जिंदा जले  मौके पर पहुंचा प्रशासन

एएम नाथ। चम्बा  :  जिला चंबा के सलूणी उपमंडल के अंतिम छोर पर स्थित भांदल पंचायत के गांव प्रियूंगल में 2 लकड़ीनुमा मकान व गऊशाला जलकर राख हो गए। इसके अलावा भेड़-बकरियाें सहित 20...
article-image
हिमाचल प्रदेश

जयपुर घूमने गए चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के साथ सीएम ने वीडियो कॉल से की बात, जानें उनके अनुभव

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत जिला मंडी के चाइल्ड केयर इंस्टीच्यूट (सीसीआई) सुन्दरनगर, तल्यार, भरनल और डैहर में रह रहे ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ इन दिनों एक विशेष शैक्षणिक एवं...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बनीखेत में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित : नशे से दूरी बनाएं युवा पीढ़ी : रमणीक शर्मा

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमणीक शर्मा ने की अध्यक्षता एएम नाथ। डलहौजी : उपमंडल विधिक सेवा समिति डलहौजी द्वारा बनीखेत स्थित चिनार पैलेस में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसकी...
Translate »
error: Content is protected !!