उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
एएम नाथ। हमीरपुर 28 अप्रैल। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिला के सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और हाई एवं सीनियर सेकंडरी स्कूलों के शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे 14-15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों की एचपीवी वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में कार्य करें, ताकि एचपीवी टीकाकरण अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मंगलवार को एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जिला में इस आयु वर्ग की कुल 2967 लड़कियों का पंजीकरण किया है। इनमें से अभी तक 1083 यानि लगभग 36 प्रतिशत लड़कियों को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान में जिला हमीरपुर की रैंकिंग अच्छी है, लेकिन अभी भी लगभग 64 प्रतिशत लड़कियों को ये टीके लगाए जाने शेष हैं। उन्होंने कहा कि सबसे साक्षर एवं विकसित जिलों में शामिल हमीरपुर में इस अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मचारी और शिक्षक आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा लड़कियों एवं उनके अभिभावकों को अतिशीघ्र टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान में सराहनीय कार्य करने वाले मेडिकल अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर पीएचसी नाल्टी की प्रभारी डॉ. पूजा कौंडल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
उपायुक्त ने बताया कि पहले ये टीके छुट्टी वाले दिन लगाए जा रहे थे, लेकिन अब 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियां किसी भी दिन अपने नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर टीका लगवा सकती हैं। गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि महिलाओं में सर्विकल कैंसर के मामले बहुत ज्यादा पाए जाते हैं। एचपीवी वैक्सीन का यह टीका लड़कियों को भविष्य में सर्विकल कैंसर से बचाएगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर मेडिकल कालेज अस्पताल हमीरपुर के एमएस डॉ. देशराज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार, उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक डॉ. मोही राम चौहान, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती, विभिन्न स्वास्थ्य खंडों के बीएमओ और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
