चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज सिंह पन्नू ने एलपीयू से जुड़े घटनाक्रम को संवेदनशील बताते हुए कहा कि मामले में पंजाब, दूसरे राज्यों और विदेशों से आए विद्यार्थी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने स्थिति को संयम और पेशेवर तरीके से संभाला तथा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में पढ़ रहे प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एसआईटी को जांच पूरी करने का समय दिया जाए
पन्नू ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपना काम पूरा करने दिया जाना चाहिए, ताकि घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकें। उनके अनुसार, एसआईटी आरोपों के साथ-साथ अशांति के दौरान पैदा हुए हालात की भी जांच कर रही है और जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पुलिस ने संयम बरता: पन्नू
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पन्नू ने कहा कि पंजाब महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र के रूप में उभरा है और देश-विदेश से विद्यार्थी यहां शिक्षा हासिल करने आते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पंजाब के शिक्षण संस्थानों में पढ़ते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने दावा किया कि जब स्थिति बिगड़ने के कारण हाईवे प्रभावित हुआ, तब भी पुलिस ने विद्यार्थियों के खिलाफ लाठीचार्ज या पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
डीजीपी ने एलपीयू पहुंचकर लिया जायजा
पन्नू के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर डीजीपी गौरव यादव ने स्वयं एलपीयू पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों और छात्र नेताओं से बातचीत कर घटनाक्रम को समझने तथा हालात सामान्य करने का प्रयास किया।
विपक्ष पर मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप
आप नेता ने संवेदनशील छात्र मामले को लेकर विपक्षी नेताओं पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी पक्षों को स्थिति शांत करने में सहयोग करना चाहिए था। पन्नू ने विपक्ष पर हालात को शांत करने के बजाय विवाद बढ़ाने में रुचि लेने का आरोप भी लगाया।
वायरल वीडियो पर पुलिस के स्पष्टीकरण का हवाला
सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो का जिक्र करते हुए, जिसमें कथित तौर पर हथियारबंद बाहरी लोगों के यूनिवर्सिटी परिसर में प्रवेश करने का दावा किया जा रहा है, पन्नू ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो में दिखाई दे रहे लोग अनजान हमलावर नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
तोड़फोड़ करने वालों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई
पन्नू ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतें सुनी जाएंगी और मामले की निष्पक्ष जांच होगी। हालांकि, सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे।
