कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज करने का विरोध, FIR रद्द करने या निष्पक्ष दोबारा जांच की मांग; थाने के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
गुरदासपुर। गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों के साथ कलानौर थाने का घेराव किया। इस दौरान वह समर्थकों के साथ थाने में पहुंच गए, जहां उनकी और उनके बेटे उदयवीर सिंह रंधावा की डीएसपी अमोलक सिंह तथा थाना प्रभारी अमनदीप सिंह के साथ तीखी बहस हो गई। बाद में सांसद समर्थकों के साथ थाने के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया।
‘मेरे बंदे गिरफ्तार करेगा, करके बता’
थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बहस के दौरान सांसद रंधावा ने थाना प्रभारी को अपने पास आकर बात करने के लिए कहा। उन्होंने दर्ज मामले पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को चुनौती दी। इस दौरान उनके बेटे उदयवीर सिंह रंधावा की भी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई।
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने सांसद और उनके समर्थकों से बातचीत करने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही। डीएसपी ने उन्हें एसएसपी कार्यालय चलकर बातचीत करने का सुझाव भी दिया, लेकिन सांसद और उनके समर्थक थाने में ही अपनी मांगों पर अड़े रहे।
दो गुटों के झगड़े के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ था केस
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कलानौर थाना क्षेत्र में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया है। इसी के विरोध में सांसद रंधावा अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे।
FIR रद्द करने या निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं की मांग है कि कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए या मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उनका कहना है कि पुलिस को बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई करनी चाहिए।
धरने के दौरान थाने के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक जुटे रहे और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए थाने के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धरना जारी था और मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
पुलिस की ओर से मामले में लगाए गए आरोपों और एफआईआर को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
