देहरा में पंचायत समिति चुनाव को लेकर सियासत तेज, कमलेश ठाकुर ने दिया विपक्ष को जवाब
एएम नाथ। देहरा : पंचायत समिति देहरा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी एवं देहरा से कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कमलेश ठाकुर ने कहा कि वह कांग्रेस की विधायक हैं और जहां भी पार्टी के लिए संघर्ष करने की जरूरत होगी, वहां पूरी मजबूती के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए वह हर स्तर पर मेहनत करेंगी।
पूर्व विधायक होशियार सिंह द्वारा पंचायत समिति चुनाव में हस्तक्षेप और लोकतंत्र की हत्या के लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलेश ठाकुर ने संयमित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि होशियार सिंह उनसे बड़े हैं, इसलिए उनकी हर बात का जवाब देना उचित नहीं समझतीं।
उन्होंने कहा कि किसी के दावे से यह तय नहीं हो जाता कि कितने सदस्य किसके समर्थन में हैं। यदि कोई 15 सदस्यों के भाजपा समर्थित होने का दावा करता है, तो उसी तरह कोई 23 के 23 सदस्यों के कांग्रेस समर्थित होने का दावा भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति का पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा। मुस्कुराते हुए उन्होंने सभी से परिणाम का इंतजार करने की अपील की।
——————
चुनाव टलने के बाद बढ़ा सियासी पारा
गौरतलब है कि देहरा पंचायत समिति में कुल 23 सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए बहुमत के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। 9 जुलाई को हुई चुनाव प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त कोरम पूरा नहीं हो पाया था, जिसके चलते चुनाव स्थगित करना पड़ा।
पूर्व विधायक होशियार सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा समर्थित सदस्यों पर दबाव बनाया जा रहा है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया था कि 23 में से 18 सदस्य भाजपा समर्थित हैं, लेकिन कुछ सदस्यों को चुनाव से दूर रखा गया।
वहीं, कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पंचायत समिति का फैसला सदस्यों और चुनाव प्रक्रिया से ही तय होगा।
——————==
अब अगली बैठक पर टिकी नजरें
नई तारीख तय होने के बाद देहरा पंचायत समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव होगा। ऐसे में देहरा की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला और तेज हो गया है। अब सभी की निगाहें अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां साफ होगा कि पंचायत समिति की कमान किसके हाथों में जाती है।
