एसआईआर को हार का कारण बताने पर उठाए सवाल; गुजरात, राजस्थान और त्रिपुरा के चुनावी नतीजों का दिया हवाला
नई दिल्ली। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की सलाह दी। शाह ने कहा कि चुनावी नतीजों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति और कमजोरियों पर विचार करना चाहिए।
‘गुजरात में दशकों से कांग्रेस को जीत नहीं’
अमित शाह ने गुजरात के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता और चुनावी सफलता से दूर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आखिरी बार 1985 में गुजरात में जीती थी और अब भी पार्टी वहां जीत हासिल नहीं कर पाई है। शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस इस हार को भी एसआईआर का नतीजा बताएगी।
शाह ने आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, पार्टी ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई। उन्होंने गांधीनगर नगरपालिका में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 प्रतिशत वृद्धि का दावा करते हुए कहा कि गुजरात के मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
राजस्थान और त्रिपुरा के नतीजों का भी किया जिक्र
शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा ने नगर निगमों में करीब 90 प्रतिशत, नगर परिषदों में 66 प्रतिशत और नगर पालिकाओं में 65 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की। त्रिपुरा की ग्राम समिति के चुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 4,600 सीटों में से एनडीए को करीब 4,000 सीटें मिलीं।
शाह ने विशेष रूप से त्रिपुरा में बैलेट बॉक्स से हुए चुनावों का जिक्र किया। उनका तर्क था कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले विपक्षी दलों को अलग-अलग राज्यों में अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
दूसरे राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने असम के नगांव में भाजपा की जीत और पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम सहित अन्य सीटों पर पार्टी के प्रदर्शन का भी हवाला दिया।
शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व और विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर इकट्ठा कर लेने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उनके अनुसार, जनता का समर्थन गांवों, खेतों, जंगलों और दूरदराज के क्षेत्रों तक फैला होता है।
एसआईआर और घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने कांग्रेस पर एसआईआर के मुद्दे को लेकर राजनीति करने और घुसपैठियों को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए की बड़ी जीत का भरोसा भी जताया।
हालांकि, कांग्रेस की चुनावी हार, एसआईआर और विपक्ष की रणनीति को लेकर शाह के बयान उनके राजनीतिक आरोप और दावे हैं। चुनावी नतीजों तथा विभिन्न राज्यों के आंकड़ों का आकलन संबंधित निर्वाचन आयोगों के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।
