चंडीगढ़ के 22 गांवों में लाल डोरा से बाहर रहने वाले परिवारों को जल कनेक्शन देने की मांग, मेयर सौरभ जोशी ने प्रशासक से मांगी मंजूरी

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पीने के पानी से कोई परिवार वंचित नहीं रहना चाहिए” — मेयर सौरभ जोशी

हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
पुनीत महाजन I चंडीगढ़, 2 जून: चंडीगढ़ के 22 पूर्ववर्ती गांवों की लाल डोरा/फिरनी सीमा से बाहर रहने वाले हजारों परिवारों को मूलभूत नागरिक सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक माननीय गुलाब चंद कटारिया जी से अस्थायी जल कनेक्शन प्रदान करने हेतु शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया है।
माननीय प्रशासक को भेजे गए विस्तृत पत्र में मेयर ने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है तथा किसी भी परिवार को इस बुनियादी सुविधा से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने बताया कि लाल डोरा सीमा से बाहर निवास कर रहे हजारों परिवार वर्षों से अधिकृत जल कनेक्शन न मिलने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता, दैनिक जीवन एवं जीवन स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मेयर सौरभ जोशी ने अवगत कराया कि यह प्रस्ताव 25 मार्च 2025 को आयोजित नगर निगम चंडीगढ़ की 347वीं जनरल हाउस बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया था तथा बाद में इसे अनुमोदन हेतु चंडीगढ़ प्रशासन को भी भेजा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित जल कनेक्शन पूर्णतः अस्थायी प्रकृति के होंगे तथा इससे किसी प्रकार का स्वामित्व अधिकार, नियमितीकरण का दावा अथवा कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होगा। यह व्यवस्था सक्षम न्यायालयों एवं चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देशों के अधीन रहेगी।
मेयर ने आगे कहा कि लाभार्थियों को निर्धारित जल, सीवरेज एवं रखरखाव शुल्क का भुगतान करना होगा तथा किसी भी शर्त के उल्लंघन की स्थिति में नगर निगम को ऐसे कनेक्शन तत्काल प्रभाव से विच्छेदित करने का अधिकार होगा।
इस प्रस्ताव पर मानवीय एवं जनहित के दृष्टिकोण से शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए श्री जोशी ने कहा कि इसकी मंजूरी मिलने से हजारों परिवारों को लंबे समय से प्रतीक्षित राहत मिलेगी तथा यह सुनिश्चित होगा कि केवल लाल डोरा सीमा से बाहर रहने के कारण कोई भी परिवार स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा से वंचित न रहे।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा, “पेयजल कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है। चंडीगढ़ के हर निवासी को इस आवश्यक सेवा का अधिकार है। मुझे आशा है कि चंडीगढ़ प्रशासन इस लंबे समय से लंबित जनहित के मुद्दे पर संवेदनशील एवं सकारात्मक निर्णय लेगा।”

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