बहाली न होने पर उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन को मजबूर होगी फैडरेशन – रंजीत मिश्रा
पुनीत महाजन : चंडीगढ़, 1 जून। गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर-42 से रिलीव किए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने सोमवार को कॉलेज की प्रिंसिपल बीनू डोगरा से मुलाकात कर अपनी बहाली, सेवा सुरक्षा तथा अन्य लंबित मुद्दों को उठाया।
कर्मचारियों के अनुसार, प्रिंसिपल ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के बाद दो दिनों के भीतर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। कर्मचारियों ने इस आश्वासन पर संदेह जताते हुए कहा कि उनका जेम पोर्टल के माध्यम से जारी टेंडर 1 जनवरी 2027 तक वैध है, इसलिए उन्हें कार्यमुक्त किए जाने का कोई औचित्य नहीं बनता।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अन्य सरकारी कॉलेजों, जैसे सेक्टर-11 और सेक्टर-46, में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं जारी हैं। ऐसे में केवल सेक्टर-42 कॉलेज में कर्मचारियों को रिलीव किए जाने से भेदभाव और असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।
फैडरेशन के प्रधान रंजीत मिश्रा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग में हर वर्ष अनुमति लेने या आने की प्रक्रिया की आड़ में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण होता रहा है।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया था और फैडरेशन के धरना-प्रदर्शन के बाद लगभग चार महीने पश्चात उनकी बहाली हुई थी।
कर्मचारियों ने कहा कि अचानक कार्यमुक्त किए जाने से अनेक परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल बहाल करे तथा भविष्य में उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
रंजीत मिश्रा ने कहा कि फैडरेशन फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रही है। यदि आगामी दो दिनों में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तो कर्मचारियों को पिछले वर्ष की तरह पुनः आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
