रोहित जसवाल। ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचार के दौरान हरपाल सिंह सुनेहरा की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और स्टाफ पर कथित उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। मामले में परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के प्रदेशाध्यक्ष अमित कुमार वाल्मीकि की मौजूदगी में परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। अमित कुमार वाल्मीकि ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि उपचार में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो महासभा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
परिवार का आरोप—छाती के दर्द से तड़पता रहा हरपाल
मृतक के भाई के अनुसार हरपाल सिंह सुबह करीब छह बजे उसके साथ स्वयं चलकर अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचा था। उसे छाती में तेज दर्द की शिकायत थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी समुचित जांच नहीं की गई और समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिला।
परिवार के मुताबिक हरपाल दर्द से परेशान था और उपचार के लिए बार-बार स्टाफ से संपर्क कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि वह बेड से स्वयं उठकर तीन बार मौके पर तैनात स्टाफ के पास गया। परिवार का कहना है कि करीब एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
अस्पताल परिसर में शव रखकर प्रदर्शन
मौत के बाद परिजनों ने शव को स्ट्रेचर पर रखकर अस्पताल परिसर में विरोध जताया और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने जिम्मेदार चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के साथ परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग रखी।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय राणा और तहसीलदार विपन कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिवार की मांग पर एफआईआर दर्ज
पुलिस ने परिजनों की मांग के अनुसार मामले में धारा 106(1), लापरवाही के कारण मौत होने से संबंधित प्रावधान के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हुए।
एमएस बोले—मरीज को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के एमएस डॉ. संजय मनकोटिया ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की मृतक के परिवार के प्रति संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर मरीज को इमरजेंसी में चिकित्सक की ओर से उचित उपचार दिया गया था और उसे बचाने के लिए चिकित्सीय स्टाफ ने हरसंभव प्रयास किए।
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मेडिकल टीम ने किया पोस्टमार्टम
परिजनों की मांग पर हरपाल सिंह का पोस्टमार्टम क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के शवगृह में ही करवाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए मेडिकल टीम गठित की और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की विभागीय जांच के लिए विशेष कमेटी गठित करने की बात भी कही है।
नोट: उपचार में लापरवाही के आरोप फिलहाल परिजनों की शिकायत पर आधारित हैं। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम/मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण और किसी चिकित्सीय लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
