मैहला में बिरसा मुंडा जयंती पर सत्येंद्र सिंह का संबोधन, बिरसा मुंडा की प्रेरणा आज भी समाज को दिशा देती
एएम नाथ। चम्बा : भरमौर के मैहला क्षेत्र में बनवासी कल्याण आश्रम के तहत जालपा मंदिर परिसर में भगवान बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बनवासी कल्याण आश्रम प्रकल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने बिरसा मुंडा के संघर्ष, उनकी जनसेवा और जनजातीय समाज में जागृति लाने में उनके योगदान पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की प्रेरणा आज भी समाज को दिशा देती है।

भरमौर–पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा में बनवासी कल्याण आश्रम का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान और विकास को गति देने के लिए समाज और सरकार का संयुक्त प्रयास आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इतिहास के हर कालखंड में हमारी मातृभूमि ने ऐसे वीर बेटे-बेटियों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी विलक्षण योगदान के बल पर भारत की भावना को अभिव्यक्ति दी है। कुछ विभूतियों ने सप्तर्षि मण्डल के नक्षत्रों की तरह हमारा मार्गदर्शन किया है। भगवान बिरसा मुंडा हमारे नक्षत्र मण्डल के सबसे चमकते सितारों में से एक थे जिनका प्रकाश राष्ट्र के मार्ग को आलोकित करता है।

आज जब देश ने अपने आधुनिक इतिहास के इस महान व्यक्तित्व की 150वीं जयंती का साल भर चलने वाला समारोह शुरू किया है, मैं उनकी पुण्य स्मृति को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूं।
मुझे यह भी याद आता है कि कैसे बचपन में भगवान बिरसा मुंडा की गाथाएं सुनकर मुझे और मेरे संगी-साथियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस होता था।
जब ब्रिटिश अधिकारी और स्थानीय जमींदार जनजातीय समुदायों का शोषण कर रहे थे, उनकी ज़मीनें हड़प रहे थे और अत्याचार कर रहे थे तब भगवान बिरसा इस सामाजिक और आर्थिक अन्याय के विरुद्ध उठ खड़े हुए और लोगों को अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों, सामाजिक प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
