सीएम सुक्खू बोले- ‘आपदा प्रबंधन एक्ट लागू होने से चुनाव संभव नहीं’ : आपदा प्रबंधन एक्ट हटेगा, वैसे ही पंचायत चुनाव करवा दिए जाएंगे

by

एएम नाथ। धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पंचायत चुनावों को लेकर गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चुनाव स्थगित करने का कारण राज्य में आई प्राकृतिक आपदा को बताया, जबकि पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर विपक्ष लगतार सरकार पर हमलावर है। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग ने खुद को चुनाव करवाने के लिए पूरी तरह तैयार बताया है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में दिए जवाब में कहा कि राज्य में इस समय आपदा प्रबंधन एक्ट लागू है और इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “जैसे ही आपदा प्रबंधन एक्ट हटेगा, वैसे ही चुनाव करवा दिए जाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस एक्ट के लागू रहते राज्य निर्वाचन आयोग कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि जून में पंचायतों के पुनर्गठन और वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव आयोग ने अपना काम किया, सरकार ने उसमें कोई दखल नहीं दिया।
——————————
‘2023 से बड़ी थी 2025 की आपदा’

सीएम सुक्खू ने भाजपा के स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कहा, “हमने यह कल्पना भी नहीं की थी कि 2023 से भी बड़ी आपदा 2025 में आएगी।” मणिमहेश यात्रा भी आपदा से अछूती नहीं रही। हमारे राजस्व मंत्री 9 दिन भरमौर में रहे, उन्हें अवरुद्ध सड़क मार्ग को खुलवाया और यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाया। उसके बाद कुल्लू जिला व कांगड़ा के इंदौरा व फतेहपुर में आपदा आ गई। उन्होंने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के क्षेत्र सहित प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद त्वरित कार्रवाई की गई।
उन्होंने आपदा प्रबंधन एक्ट के कारण सड़कें खुलने तक चुनाव को थोड़ा आगे करने के लिए कहा है, पंचायतों की अवधि अभी शेष है। उन्होंने जनवरी तक चुनाव करवाने की संभावना जताई। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार ने कुछ नई पंचायतें भी बनानी हैं। नालागढ़ में तो कुछ ऐसी पंचायतें भी हैं, जहां नौ-नौ हजार की जनसंख्या है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के इस जवाब के बाद असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
—————————–
‘तैयारियां पूरी, 31 जनवरी से पहले मतदान होना है’

मुख्यमंत्री के बयानों के विपरीत, बीते दिन राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने कहा कि आयोग पंचायत चुनाव करवाने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता है, तो 31 जनवरी से पूर्व मतदान करवाया जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि आचार संहिता की धारा 12.1 को नहीं हटाया जाएगा।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

शिमला : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के रिज पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

युवाओं को नशे और अन्य बुराइयों से बचाती हैं खेलें : नरेश ठाकुर

राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार ने किया बॉक्सरों का उत्साहवर्द्धन एएम नाथ।  हमीरपुर 30 मार्च। हिमाचल प्रदेश राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने कहा है कि...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित, समाजसेवा और अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रहा : डॉ. बिंदल

नाहन : भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने रवसिवार को सिरमौर भाजपा कार्यालय, नाहन में आयोजित हिमाचल प्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठ सिद्धार्थन, अनुसूचित...
article-image
हिमाचल प्रदेश

किसानों को सुविधा : मैहतपुर-बसदेहड़ा में अब शुक्रवार को भी पुराने स्थल पर लगेगी सब्ज़ी मंडी

किसानों को उपज बेचने में आसानी, डीसी बोले…किसान हित प्रशासन के लिए सर्वोपरि रोहित जसवाल।  ऊना, 1 फरवरी. ऊना ज़िले के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मैहतपुर-बसदेहड़ा क्षेत्र...
Translate »
error: Content is protected !!