कर्मचारियों के आंदोलन से घिरी सरकार, जयराम ने उठाए पेंशन और पेपर लीक के मुद्दे
पेपर लीक पर केंद्र के सख्त कानून का स्वागत, कांग्रेस पर बरसे जयराम ठाकुर
एएम नाथ। शिमला : नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर कर्मचारियों, पेंशनर्स और युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारी हितैषी होती तो प्रदेशभर के कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर नहीं होते। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स और सेवानिवृत्त कर्मचारी आज भी लंबित भुगतानों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे सरकार के दावों की वास्तविकता सामने आ गई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में कर्मचारियों के धरना स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल आश्वासन देकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान कर्मचारियों की नारेबाजी इस बात का संकेत थी कि उन्हें सरकार की घोषणाओं और गारंटियों पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि झूठे वादों और घोषणाओं से सरकार नहीं चलाई जा सकती तथा मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए कर्मचारियों की मांगों का गंभीरता से समाधान करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संशोधन के तहत पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों के लिए 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, दो महीने के भीतर जांच पूरी करने तथा तीन महीने के भीतर ट्रायल समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और युवाओं का भरोसा मजबूत होगा।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन वाले राज्यों में पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी पेपर लीक मामलों में गंभीर आरोप सामने आने और जांच की संस्तुति के बावजूद दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि जहां केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कठोर कानून लागू कर रही है, वहीं कांग्रेस शासित राज्यों का रिकॉर्ड युवाओं के हितों की रक्षा करने में कमजोर रहा है।
