मुख्य अतिथि डॉ. पूनम राय धवन ने किया प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन, विद्यालय को दिए 31 हजार रुपये
लोकनृत्य, सुगम संगीत, एकांकी और शास्त्रीय गायन सहित विभिन्न विधाओं में छात्राएं दिखाएंगी हुनर
सुरेंद्र भवानी। डलहौजी : पीएम श्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डलहौजी में अंडर-19 छात्राओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में जिला चंबा के लगभग 26 विद्यालयों की 324 छात्राएं भाग ले रही हैं। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम में डलहौजी हिल टॉप स्कूल की अध्यक्ष डॉ. पूनम राय धवन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य वंदना शर्मा और स्टाफ सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। वहीं, विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के आरंभ में प्रधानाचार्य वंदना शर्मा ने डॉ. धवन को बैज, शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इसके बाद सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। ओएसडी श्रीमती गुरप्रीत कौर ने आर्केस्ट्रा विधा का आरंभ करवाया।
प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने मुख्य अतिथि के समक्ष मधुर संगीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंच संचालन में टूर्नामेंट कन्वीनर गुलशन पाल और स्थानीय विद्यालय के शिक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डीएसएसए चंबा के अधिकारियों ने मुख्य अतिथि डॉ. पूनम राय धवन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. धवन ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया तथा उन्हें भविष्य में राज्य स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियों में चंबा जिले की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। छात्राओं की प्रतिभा और प्रस्तुतियों से वह भावविभोर हो गईं।
इस अवसर पर डॉ. धवन ने अपनी ओर से विद्यालय को 31 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि भेंट की। विद्यालय की प्रधानाचार्य, समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों ने इस सहयोग के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया।
दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान सुभाषितानि, सुगम संगीत, भाषण, शास्त्रीय गायन, एकांकी, संस्कृत गीतिका, लोकनृत्य और आर्केस्ट्रा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन छात्राओं को अपनी कला निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
