दिग्गज हटे, तो कांग्रेस में दशकों बाद मिलेगा नए चेहरे को मौका : मंडी सीट पर 1980 से दो परिवारों से बाहर नहीं निकल सकी कांग्रेस

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एएम नाथ। शिमला :   मंडी संसदीय सीट पर प्रतिभा सिंह द्वारा चुनाव लडऩे से इंकार करने के बाद एक तरफ जहां कांग्रेस के लिए नया संकट पैदा हो गया है। इसी संकट में कांग्रेस के भीतर मंडी सीट पर लगभग पांच दशकों बाद आम चेहरे और संगठन के लिए नई उम्मीद बनी है। प्रतिभा सिंह के इंकार के बाद अब बड़ी संख्या में नए चेहरों ने सामने आकर दावेदारी जतानी शुरू कर दी है। मंडी लोकसभा सीट पर अगर पिछले कुछ दशकों को देखा जाए तो यहां से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के परिवार और राजनीति के चाणक्य रहे स्व. पूर्व मंत्री पंडित सुखराम का ही दबदबा रहा है। 1999 में कांग्रेस ने यहां से कौल सिंह ठाकुर को अपना प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव को अगर छोड़ दिया जाए, तो 1980 से लेकर अब तक इस सीट पर दो परिवारों को ही चुनाव लडऩे का अवसर मिला है। हालांकि अब वर्तमान सांसद प्रतिभा सिंह द्वारा चुनाव न लडऩे के ऐलान और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी इनकार के बाद इस सीट पर कांग्रेस के पास नए चेहरे को आगे करने का अवसर है। मंडी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के पास स्व. वीरभद्र सिंह के बराबर ही बड़े दिग्गज के रूप में पंडित सुखराम लंबे अरसे तक सशक्त विकल्प रहे। संसदीय सीट पर ब्राहमण मतदाताओं की संख्या भी लाखों में हैं, जिसका हमेशा पंडित सुखराम को भी फायदा मिला।
भाजपा ने इस सीट पर 2014 में ब्राहमण मतदाताओं को देखते हुए ही पंडित राम स्वरूप को आगे किया था। कांग्रेस की सरकार रहते हुए भी वह इसी वोट बैंक के चलते प्रतिभा सिंह को हराने में सफल रहे थे। 2018 में भी भाजपा के राम स्वरूप जीतने में सफल रहे। इसके बाद उप चुनाव में भी भाजपा ने बिग्रेडियर खुशाल ठाकुर को नए चेहरे के रूप में अवसर दिया, दूसरी तरफ देखा जाए तो मंडी सीट पर कांग्रेस 1980 से दो परिवारों पर ही निर्भर रहती आई है। जिसका खामियाजा अब कांग्रेस को प्रतिभा सिंह के मैदान से हटने के कारण भी भुगतना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का भी यह मानना है कि अगर प्रतिभा सिंह इस बार चुनाव नहीं लड़ती हैं तो कांग्रेस को अपने संगठन में से किसी नए कार्यकर्ता चेहरे को भाजपा की तरह आगे करना चाहिए।
प्रतिभा सिंह के मना करने के बाद इन नामों पर चर्चा
अभी भी कांग्रेस हाईकमान प्रतिभा सिंह पर चुनाव लड़ऩे को लेकर दबाब बनाए हुए हैं, लेकिन दूसरी तरफ उनके इनकार के बाद कांग्रेस के अन्य दावेदार भी अब सक्रिय हो गए हैं। इस समय मंडी सीट पर कांग्रेस के पंडित खीमी राम, प्रदेश कांग्रेस महासचिव शशि शर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केशव नायम, एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, सेवानिवृत्त डीएसपी ज्ञान चंद ठाकुर और तेजलाल चंदेल सहित कई ऐसे अन्य नाम हैं, जिनमें से कई अब अपनी दावेदारी भी जता रहे हैं।
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