हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के लिए राज्य सरकार ने दिए 450 करोड़: मुख्यमंत्री सुक्खू
एएम नाथ। नादौन। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को एसजेवीएनएल से वापस लेगी और इसके लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नादौन विधानसभा क्षेत्र में ब्यास नदी पर 31.19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 250 मीटर लंबे डबललेन मोटरेबल एवं फुटपाथ युक्त सधोड़ा पत्तन पुल के शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह पुल नादौन के दोबड़ कलां को कांगड़ा के ज्वालामुखी क्षेत्र के सिल्ह गांव से जोड़ेगा। इससे नादौन और ज्वालामुखी की 15 पंचायतों के 30 हजार से अधिक लोगों के अलावा सुजानपुर क्षेत्र के लोगों को भी लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल बनने से दोनों विधानसभा क्षेत्रों के बीच सबसे निकटतम सड़क संपर्क उपलब्ध होगा। इससे यात्रा दूरी और समय कम होने के साथ क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मेडिकल कॉलेज पर भाजपा के दावे को बताया गलत
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के दावों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन नहीं है। उनके अनुसार, कॉलेज को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मंजूरी मिली थी और 22 जनवरी 2014 को इसकी अधिसूचना जारी हुई थी। उस समय केंद्र सरकार ने इसके लिए 180 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।
सुक्खू ने कहा कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान कॉलेज के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस करवाई गई और अब मेडिकल कॉलेज करीब दो महीने में शुरू हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने इसके निर्माण पर अपने बजट से 450 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में उत्तर भारत का पहला कैंसर इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है, जिसे जापान के सहयोग से करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। वहीं, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत कर रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में डायग्नॉस्टिक व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर मेडिकल कॉलेजों में करीब 28-28 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं, जहां एक ही सैंपल से करीब 1,200 टेस्ट करने की सुविधा होगी।
कांगड़ा टूरिज्म और हमीरपुर एजुकेशन कैपिटल
सुक्खू ने कहा कि सरकार कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल और हमीरपुर को एजुकेशन कैपिटल के रूप में विकसित कर रही है। नादौन में एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज और हमीरपुर में प्रदेश का पहला साइंस कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नादौन में खेलों का एक्सीलेंस सेंटर भी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसका उद्घाटन अक्तूबर में किया जाएगा और इससे स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
400 करोड़ से बनेगा ब्यास रिवर फ्रंट
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्वालामुखी के लुथान में 150 करोड़ रुपये की लागत से सुखाश्रय परिसर बनाया जा रहा है। नादौन में ब्यास नदी के किनारे 400 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा और यहां ब्यास आरती भी शुरू की जाएगी। अमतर के पास एक और पुल बनाने तथा जिले की सड़कों को डबललेन करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता बढ़ाई
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर प्रदेश की संपदा की अनदेखी और योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आपदा में 23 हजार से अधिक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए थे। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 1.50 लाख से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये की।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को समर्थन मूल्य देने का विचार उन्हें नादौन से मिला था। सरकार राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना के तहत प्राकृतिक खेती के उत्पादों को समर्थन मूल्य दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है।
ढगवार में 300 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जा रहा है, जिसे इसी वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास किया। उन्होंने स्थानीय पंचायत में पंचायत भवन और कम्युनिटी सेंटर के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर ज्वालामुखी विधायक संजय रतन ने सधोड़ा पत्तन पुल के शिलान्यास को दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। कार्यक्रम में विधायक कमलेश ठाकुर, मंडल अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिप्र अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
