नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने बंगाणा में लगाया जन-जागरूकता शिविर सुनियोजित : विकास और अवैध निर्माण रोकने पर दिया जोर

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रोहित जसवाल।  ऊना, 11 फरवरी। उप-मण्डलीय नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय, ऊना ने आज(बुधवार) को नगर पंचायत बंगाणा के सभागार में जन-जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर की अध्यक्षता एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल ने की। साथ ही सहायक नगर योजनाकार निर्मल सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश ंनगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 तथा बंगाणा योजना क्षेत्र में लागू नियमों एवं विनियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय जनता को इन नियमों के प्रति जागरूक करें, ताकि क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए संतुलित एवं पर्यावरण-अनुकूल नगर व ग्राम विकसित किए जा सकें।
शिविर के दौरान निर्मल सिंह ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति भूमि खरीदकर निर्माण करना चाहता है, तो उसे नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। साथ ही नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16(सी) के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि भूमि की बिक्री से पूर्व संबंधित प्लॉट का विभाग से स्वीकृत होना आवश्यक है तथा क्रेता को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह केवल विभाग द्वारा स्वीकृत एवं उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदे, जिससे उसे उचित आकार के प्लॉट, मार्ग तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और नियोजित आवास निर्माण संभव हो।
सहायक नगर योजनाकार ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम (रेरा) के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट अथवा 8 से अधिक अपार्टमेंट का निर्माण कर विक्रय करने की स्थिति में भू-संपदा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, जिला के किसी भी क्षेत्र में 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या अपार्टमेंट का निर्माण कर विक्रय हेतु किया जाता है, तो वह क्षेत्र डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा, जहां विभागीय स्वीकृति एवं भू-संपदा अधिनियम के तहत पंजीकरण आवश्यक होगा।
उन्होंने अवैध निर्माण से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं और भविष्य की कठिनाइयों के बारे में भी जानकारी दी तथा सभी से आग्रह किया कि बिना विभागीय स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण न करें।
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