नशाग्रस्त युवाओं के उपचार और पुनर्वास पर विशेष फोकस …क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के ओएसटी केंद्र में 22 मरीज ले रहे नियमित उपचार, सकारात्मक परिणाम आ रहे सामने : डीसी राहुल कुमार

by
एएम नाथ।  बिलासपुर, 29 जून :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने चिट्टा एवं अन्य नशीले पदार्थों के विरुद्ध व्यापक और बहुआयामी अभियान छेड़ रखा है। सरकार की नीति केवल नशा तस्करी पर कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को वैज्ञानिक उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी इसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है, जो चिट्टा तथा अन्य ओपिऑयड नशीले पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया है। यह जानकारी उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने दी।
उपायुक्त ने बताया कि ओएसटी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिट्टा एवं अन्य ओपिऑयड नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित, नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपचार पद्धति के माध्यम से मौखिक दवा पर लाना है, जिससे इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने की प्रवृत्ति में कमी आए और एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी तथा हेपेटाइटिस-सी जैसे गंभीर संक्रमणों के जोखिम को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके। इसके साथ ही मरीजों को नशे की लत से मुक्त कर स्वस्थ, सम्मानजनक और सामान्य जीवन की ओर वापस लाना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में स्थापित ओएसटी केंद्र में प्रशिक्षित काउंसलर, मनोचिकित्सक तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त नशा प्रभावित व्यक्तियों तक उपचार की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से प्रभावी रेफरल नेटवर्क भी विकसित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
ओएसटी के अंतर्गत मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ब्यूप्रेनॉर्फिन दवा दी जाती है। यह दवा लगभग 24 से 36 घंटे तक प्रभावी रहती है, जिससे चिट्टा एवं अन्य ओपिऑयड नशीले पदार्थों के सेवन की तीव्र इच्छा में उल्लेखनीय कमी आती है। दवा की मात्रा प्रत्येक मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार मनोचिकित्सक द्वारा निर्धारित की जाती है तथा आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर इसमें संशोधन भी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ओएसटी केवल दवा आधारित उपचार नहीं, बल्कि एक समग्र पुनर्वास प्रणाली है। नियमित काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग, चिकित्सकीय निगरानी तथा परिवार के सतत सहयोग के माध्यम से मरीज धीरे-धीरे नशे की लत से बाहर निकलते हैं। इससे उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, पारिवारिक संबंध बेहतर होते हैं, चोरी एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों की संभावना कम होती है और वे पुनः सामान्य सामाजिक जीवन जीने में सक्षम बनते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित ओएसटी केंद्र में 22 मरीज नियमित उपचार प्राप्त कर रहे हैं तथा सभी में उपचार के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उपचार की सफलता के लिए मरीजों का प्रतिदिन चिकित्सकीय निगरानी में दवा लेना, सप्ताह में एक बार मनोचिकित्सक से परामर्श करना तथा परिवार का निरंतर सहयोग प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह सिद्ध हो चुका है कि ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी इंजेक्शन के माध्यम से नशा करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित उपचार की दिशा में लाने तथा उन्हें पूर्ण नशा मुक्ति की ओर अग्रसर करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। नियमित चिकित्सकीय निगरानी, काउंसलिंग और सामाजिक सहयोग के साथ यह उपचार पद्धति चिट्टा जैसे घातक नशे की लत से बाहर निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झिझक या संकोच के बिना क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित ओएसटी केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाएं। समय पर उपचार, नियमित परामर्श, पारिवारिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से नशे की लत पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा प्रभावित व्यक्ति को स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा में पुनः स्थापित किया जा सकता है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

एक साल-पांच काम अभियान को दें प्राथमिकताः वीरेंद्र कंवर ग्रामीण विकास मंत्री ने बंगाणा में निर्माणाधीन ब्लॉक के भवन का किया निरीक्षण

ऊना – ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आज बीडीओ कार्यालय में एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने एक साल पांच काम अभियान को प्राथमिकता के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

14 की बजाय 13 अक्टूबर को चंबा आ सकते प्रधानमंत्री : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को चंबा में अधिकारियों की समीक्षा ली बैठक

चंबा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित हिमाचल दौरे में हल्का बदलाव हो सकता है। अब वे 14 की बजाय 13 अक्टूबर को चंबा आ सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय चुनाव आयोग...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. रामचंद्र राव ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया सरकाघाट में दो नए न्यायालय कक्षों का उद्घाटन

सरकाघाट में न्यायिक परिसर बनाने के लिए भूमि चयनित, निर्माण कार्य जल्द होगा आरम्भ-मुख्य न्यायधीश एएम नाथ।  सरकाघाट(मंडी), 23 जुलाई। माननीय मुख्य न्यायाधीश हिमाचल उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति एम. एस. रामचंद्र राव, मंडी जिला के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

हमीरपुर भाजपा प्रत्याशी से SIT ने की 7 घंटे तक की पूछताछ : क्या हैं आरोप …..जानिए

एएम नाथ।  हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कथित खरीद-फरोख्त और प्रदेश सरकार को गिराने के लिए षड्यंत्र मामले में पुलिस ऐक्शन मोड में नजर आ रही है। शुक्रवार को पूर्व निर्दलीय...
Translate »
error: Content is protected !!