चंडीगढ़ में पदभार ग्रहण समारोह में सचिन पायलट, चन्नी, बाजवा और राजा वड़िंग समेत वरिष्ठ नेता जुटे
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर लंबे समय से जारी खींचतान के बीच रविवार को पार्टी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में पदभार संभाला। इस मौके पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
समारोह में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित कई नेता मौजूद रहे। पार्टी के भीतर नेतृत्व में बदलाव और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इन नेताओं की मौजूदगी को खास महत्व दिया जा रहा है।
किसानों, खिलाड़ियों और व्यापारियों के मुद्दों पर राजनीति न हो: परगट
पदभार संभालने के बाद परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के किसानों ने देश का पेट भरने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी कोशिश होगी कि किसानों को अपने हकों के लिए संघर्ष न करना पड़े। खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिले।
उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में इंसाफ सुनिश्चित होना चाहिए और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। परगट सिंह ने पंजाब को कर्ज और नशे की समस्या से मुक्त करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
भाजपा और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना
परगट सिंह ने भाजपा और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की पहचान गुरुओं के सिद्धांतों, भाईचारे और आपसी सद्भाव से है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और राज्य को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की नीतियों ने पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए परगट सिंह ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी और सरकार की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आप की संगठनात्मक एकजुटता कमजोर पड़ रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर जताया भरोसा
परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम है, जो पंजाब में पार्टी को मजबूत कर सकती है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि नफरत फैलाने वाली राजनीति से है।
उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका के सामने कमजोर साबित हुई है। ये बयान परगट सिंह ने पदभार ग्रहण समारोह के दौरान दिए।
आनंदपुर साहिब में टेका माथा
प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने से पहले परगट सिंह अपनी पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक हुए। उन्होंने पंजाब की खुशहाली, शांति और सर्वजन के कल्याण के लिए अरदास की।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
पंजाब कांग्रेस के लिए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बनाए रखना बड़ी चुनौती है। पदभार समारोह में पार्टी के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी से एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया गया है। हालांकि, इस एकजुटता को जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती में बदलना नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए अहम होगा।
