केजरीवाल बोले- गुजरात और पंजाब के एक-एक हजार स्कूलों का साथ निरीक्षण करें; BJP ने AAP सरकार पर साधा निशाना
चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पंजाब के सरकारी स्कूल की कथित बदहाली का वीडियो सामने आने के बाद AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को गुजरात और पंजाब के सरकारी स्कूलों की संयुक्त जांच का चैलेंज दिया है।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब और गुजरात के एक-एक हजार सरकारी स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए और इसकी पूरी प्रक्रिया मीडिया के सामने हो। उन्होंने कहा कि इससे देश के सामने यह स्पष्ट हो जाएगा कि दोनों राज्यों के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति क्या है।
‘गुजरात के 1,000 स्कूलों की सूची दें’
केजरीवाल ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि पंजाब के एक हजार सरकारी स्कूलों की सूची उनकी ओर से दी जाएगी और भाजपा गुजरात के एक हजार स्कूलों की सूची दे। इसके बाद दोनों राज्यों के स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मीडिया और दोनों दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहें, ताकि स्कूलों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन हो सके।
2018 के वीडियो को लेकर भाजपा पर हमला
केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूल की खराब हालत दिखाने वाले वीडियो को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया वीडियो 2018 का है, जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी।
दरअसल, AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें पंजाब के एक सरकारी स्कूल की कथित खराब स्थिति दिखाई गई थी। बाद में इस वीडियो के 2018 का होने की बात सामने आई।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा पुराने वीडियो के जरिए पंजाब के स्कूलों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
‘19,200 स्कूलों में सुधार का दावा’
केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में करीब 19,700 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 19,200 स्कूलों में सुधार किया जा चुका है और बाकी स्कूलों में भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि बचे हुए स्कूलों को भी अगले डेढ़ से दो वर्षों में बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा के मामले में पंजाब देश में नंबर वन है और इसका उल्लेख नीति आयोग की रिपोर्ट में भी किया गया है। केजरीवाल के अनुसार, वर्ष 2022 में पंजाब की स्थिति काफी नीचे थी, लेकिन AAP सरकार के कार्यकाल में राज्य की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने केजरीवाल के दावों पर उठाए सवाल
वहीं, पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने केजरीवाल के दावों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के दावों और वादों पर अब लोगों को भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को अपने दावों के बजाय जमीनी स्थिति पर जवाब देना चाहिए।
केजरीवाल बोले- कमियां बताएं, सुधार करेंगे
केजरीवाल ने कहा कि यदि पंजाब के किसी सरकारी स्कूल में कोई कमी है तो विपक्ष उसे सामने लाए और सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के स्कूलों में सुधार का श्रेय केवल सरकार को नहीं, बल्कि शिक्षकों, प्रिंसिपलों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को भी जाता है।
उन्होंने भाजपा से अपने चैलेंज को स्वीकार करने की अपील करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के एक-एक हजार स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। इससे जनता खुद तय कर सकेगी कि गुजरात में लंबे समय से चल रही भाजपा सरकार और पंजाब में AAP सरकार के दौरान सरकारी स्कूलों की स्थिति में कितना अंतर आया है।
