पतंजलि घी के सैंपल जांच में फेल : खाद्य विभाग ने लगाया इतने लाख का जुर्माना

by

पिथौरागढ़ : अगर आप भी बाबा रामदेव की कंपनी पंतजलि का घी खाने में इस्तेमाल करते हैं तो पहली फुर्सत में घी को अपने घर से बाहर निकाल दीजिए, क्योंकि बाबा रामदेव की कंपनी का घी खाने लायक नहीं। पंतजलि का घी लैब टेस्ट में फेल हो गया है।

बता दें कि पिथौरागढ़ में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद का देसी गाय के घी का सैंपल लेकर रूद्रपुर और गाजियाबाद की लैब में जांच के लिए भेजा गया था, जिसमें बाबा रामदेव की कंपनी का घी फेल हो गया। घी फेल होने के बाद खाद्य विभाग ने लोगों को सेवन न करने की सलाह दी है। खाद्य विभाग के अधिकारी ने घी को लेकर कहा कि कोई भी अगर इसका सेवन करता है तो उसको बीमारी हो सकती है। इतना ही नहीं साइड इफेक्ट का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में घी का सेवन करने से लोगों को मना किया गया है। ऐसा पहली दफा नहीं है, जब बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि का कोई प्रोडक्ट जांच में फेल हुआ है, इससे पहले भी कई प्रोडक्ट कंपनी के फेल साबित हुए हैं।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के घी के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जिसके बाद कंपनी समेत 3 कारोबारियों पर 1 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही खाद्य विभाग का कहना है कि ये खाने लायक भी नहीं है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में घी का सैंपल लिया गया था, इसकी जांच प्रदेश स्तर (रूद्रपुर) और राष्ट्रीय स्तर (गाजियाबाद) की लैब में कराई गयी थी। जांच में घी स्टैंडर्ड पर खड़ा नहीं उतरा। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने बताया कि अगर किसी ने भी यह घी खाया तो उसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं, साथ ही लोग बीमार हो सकते हैं।

पिथौरागढ़ के कासनी से घी के नमूने लिए
असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के अधिकारी दिलीप जैन ने रूटीन चेकिंग के दौरान 20 अक्टूबर 2020 को पिथौरागढ़ के कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि गाय के घी का नमूना लिया था। इसके बाद नमूने को राज्य सरकार की राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर में भेजा गया, जहां इसे मानकों से नीचे पाया गया। इसके बाद पतंजलि के अधिकारियों को 2021 में इसकी जानकारी दी गई। लेकिन काफी समय तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों की तरफ से 15 अक्टूबर 2021 को दोबारा जांच की अपील की। कंपनी ने नमूनों की जांच सेंट्रल लैब से करानी की बात कही।

दो महीने तक रिपोर्ट की स्टडी की
इसके लिए पतंजलि की तरफ से 5 हजार रुपए की निर्धारित फीस भी ली गई थी। इसके बाद अधिकारियों की एक टीम 16 अक्टूबर 2021 को नमूनों की जांच के लिए राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) पहुंची, जहां जांच कराई गई। राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला ने 26 नंवबर 2021 को अपनी रिपोर्ट दी, जिसमें भी पतंजलि गाय के घी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतर पाए। इसके बाद दो महीने तक रिपोर्ट की स्टडी की गई। फिर 17 फरवरी 2022 को कोर्ट के सामने मामला रखा गया। इसके बाद पतंजलि को नोटिस जारी किया गया था।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने सबूत दिए
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी दिलीप जैन ने मामले में कोर्ट को सबूत दिए। कोर्ट ने 1,348 दिन बाद गुरुवार को अपना फैसला सुनाया और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (निर्माता) पर एक लाख रुपए, ब्रह्म एजेंसिज (डिस्ट्रीब्यूटर) पर 25,000 रुपए, और करन जनरल स्टोर (विक्रेता) पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

Uncategorized

Khám Phá địt bà

địt bà già địt bà già là một trong nới bắt đầu trực đường chữ tín, chuyên báo tin về cá cược thể thao, mẹo đùa & bắt cầu dự báo. Với đẳng cấp...
Uncategorized

Khám Phá Thế Giớ

review tour du lịch review tour du lịch chính là trang web game trực đường ngày càng đắm đuối hoàn toàn người đùa bên trên toàn thị trường vắt giới. Với phổ quát cuộc...
Uncategorized

Khám Phá Thế Giớ

trực tiếp bóng đá vn thái lan hôm nay Trò tham gia nhận thưởng đang trở thành một token hướng phổ biến trong cộng đồng người tham gia hiện nay. Một trong những địa...
Translate »
error: Content is protected !!