मानसा, 16 अक्टूबर। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा से घटना की विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। केंद्र ने राज्य सरकार से यह भी जानकारी मांगी है कि हत्याकांड के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
उधर, मानसा में झोटा के परिवार और समर्थकों का धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। परिवार मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे, मामले की सीबीआई जांच सहित पांच मांगों पर अड़ा हुआ है। प्रशासन की ओर से परिवार के साथ कई दौर की बातचीत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं
झोटा के पिता भीम सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे बेटे का शव नहीं लेंगे। शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा है और अभी तक पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। इस बीच इंसाफ कमेटी ने 19 अक्टूबर को पंजाबभर में आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के घरों का घेराव करने का ऐलान किया है।
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की भी जांच
हत्याकांड के बाद आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार के लाइसेंस के नवीनीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर नरेश की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और मानसा के डिप्टी कमिश्नर ने मामले से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। ड्रग इंस्पेक्टर से देर रात तक पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में भी कार्रवाई
हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और कथित भड़काऊ भाषणों के संबंध में पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। डीआईजी हरजीत सिंह के अनुसार, इन मामलों में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
13 अक्टूबर को मारी गई थी गोली
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध कर रहा था। इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी की पत्नी नीलम रानी को भी गिरफ्तार किया गया है और उसे छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी दी गई है। हत्याकांड के बाद से ही परिवार और समर्थक निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
