पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केंद्र टब्बा-2 में लगाया जागरूकता शिविर : अभियान का मूल उद्देश्य किशोर, किशोरी, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित पोषण के विषय में जागरूक बनाना : नरेंद्र कुमार

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    ऊना, 6 सितम्बर – समेकित बाल विकास परियोजना ऊना के तहत पर्यवेक्षक वृत रक्कड़ के तहत आंगनबाड़ी केंद्र टब्बा- 2 में पोषण माह के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन ज़िला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने बताया कि सभी को पोषण की मूल अवधारणा से अवगत करवाने तथा लक्षित वर्ग को जागरूक बनाने के उद्देश्य से 30 सितम्बर तक पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है जिसमंे “पोषण भी पढाई भी” तथा मोटे अनाज की महत्वता के बारे में लोगो को जागरूक किया गया।
    उन्होंने बताया कि अभियान का मूल उद्देश्य किशोर, किशोरी, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को निर्धारित पोषण के विषय में जागरूक बनाना तथा उन्हें उचित पोषण उपलब्ध करवाना है। कुपोषण से लक्षित वर्गों को बचाने के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महिला एवं बाल विकास द्वारा आंगनवाड़ी स्तर, पर्यवेक्षक वृत्त स्तर तथा परियोजना स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनके माध्यम से लक्षित वर्गों को पौष्टिक आहार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
    ज़िला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए जहां जन-जन का सहयोग आवश्यक है तो वहीं जनप्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा समस्त सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की समावेशी भागीदारी अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप दयाल तथा ज़िला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बच्चों की प्री-स्कूल की गतिविधियों में भाग लिया।
    इस अवसर पर स्वस्थ बालक स्पर्धा के अंतर्गत 18 बच्चों का वज़न और लम्बाई मापी गई तथा सभी बच्चंे सामान्य पाए गए।
    इस मौके पर बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप दयाल ने कहा कि समय-समय पर गर्भवती, धात्री एवं नवजात शिशु का हेल्थ चेकअप करवाना अति आवश्यक है तथा उनका समय पर वैक्सीनेशन व टीकाकरण भी करवाया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को संतुलित पौष्टिक आहार लेना चाहिए। आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट के साथ-साथ मिनरल्स युक्त, कैल्शियम, आयरन युक्त आहार लेना चाहिए तथा कुपोषित और अल्प कुपोषित बच्चों की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और उन्हें किसी विशेषज्ञ डॉक्टर व डाइटिशियन से परामर्श करके उचित उपचार करवाने के साथ-साथ पौष्टिक आहार देकर उसके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।
    इस अवसर पर पर्यवेक्षक आशा देवी, पोषण ज़िला कोऑर्डिनेटर मंजूर खान, पोषण ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गुरमुख सिंह, ऐलएमसी प्रधान भावना शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जीवन, आंगनबाड़ी सहायिका प्रवीण, लाभार्थी रेनू, नेहा, नीरू, मधु, शिखा, सरोज शर्मा, वंदना सहित अन्य उपस्थित रहे।

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