एएम नाथ। शिमला, 21 जुलाई : उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालकनाथ मंदिर में रोपवे निर्माण की योजना धरातल पर उतारना शुरू हो गई ह। सुक्खू सरकार बाबा बालकनाथ मंदिर व टैक्सी पार्किंग को रोपवे से जोड़ेगी। 520 मीटर लंबे इस रोपवे के निर्माण पर 65 करोड़ की रकम खर्च होगी।
रोपवे के निर्माण से मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले दर्शनार्थियों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला हमीरपुर के दियोटसिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर एक प्राचीन पवित्र स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। इसके अपग्रेडेशन से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में भीड़भाड़ को कम करने और श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मंदिर में रोपवे स्थापित करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह मंदिर पहाड़ी के ऊपर स्थित है और वर्तमान में नवरात्रि और अन्य महत्वपूर्ण पावन अवसरों पर यहां पर भारी भीड़ उमड़ती है जिसके कारण लाखों श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। रोपवे के निर्माण से इस समस्या को कम करने और श्रद्धालुओं को सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे के निर्माण से बाबा बालकनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होगी। वर्तमान में यहां टैक्सी पार्किंग से मंदिर तक पहुंचने के लिए सिंगल सडक़ है लेकिन रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं को यात्रा करने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और यह सफर उनके लिए अविस्मरणीय होगा। प्रदेश सरकार की इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होने के साथ-साथ क्षेत्र की आर्थिकी भी सृदृढ़ होगी।
यहां भी तैयारी : सरकार की ऊना जिला में बाबा मायादास भवन से चिंतपूर्णी मंदिर तक भी रोप-वे बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा पालमपुर-थातरी-चुंज के मध्य भी रोपवे बनाया जाएगा। इन तमाम रोपवे का निर्माण पीपीपी आधार पर होगा। रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट निगम ने इन तमाम रोप-वे के निर्माण की तैयारी कर ली है।