बिलासपुर में एमएसएमई उद्यमों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उत्पादन प्रक्रिया में आधुनिकता लाने के लिए कार्यशाला का आयोजन

by
एएम नाथ। बिलासपुर, 14 नवंबर: जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से स्मार्ट विनिर्माण और उद्योग 4.0 विषय पर एक विस्तृत जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन होटल सागर व्यू, बिलासपुर में किया गया।
इस कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर जे. आर. अभिलाषी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे
उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला एमएसएमई उद्यमों को डिजिटल तकनीकों से सशक्त बनाने और उनके उत्पादन प्रक्रियाओं में आधुनिकता लाने की दिशा में प्रभावी कदम होगी।
कार्यशाला का संचालन सीईएल की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन अधिगम, क्लाउड ईआरपी प्रणाली और ग्राहक संबंध प्रबंधन जैसे आधुनिक औद्योगिक उपकरणों के उपयोग और लाभों से अवगत कराना था, ताकि वे रैम्प पहल के अंतर्गत अपने कारखानों को डिजिटल रूप से अधिक सक्षम बना सकें।
कार्यशाला की शुरुआत रैम्प पहल के परिचय के साथ हुई, जिसमें एमएसएमई इकाइयों के डिजिटल सशक्तिकरण की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्मार्ट विनिर्माण तकनीकों को अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है, संसाधनों की बचत होती है और उत्पाद की गुणवत्ता स्वतः बेहतर होती है। उदाहरण स्वरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मशीनों के पूर्वानुमानित रखरखाव, इंटरनेट ऑफ थिंग्स सेंसरों द्वारा तापमान व ऊर्जा खपत की रीयल-टाइम निगरानी, मशीन अधिगम आधारित गुणवत्ता परीक्षण और बाजार मांग का पूर्वानुमान जैसी तकनीकों को सरल भाषा में समझाया गया।
प्रतिभागियों को डिजिटल प्रतिकृति मॉडल, स्मार्ट औद्योगिक डैशबोर्ड, स्वचालित असेंबली लाइनें, कम लागत वाले स्वचालन मॉडल तथा क्लाउड ईआरपी प्रणालियों के वास्तविक उपयोग दिखाए गए, जिससे छोटे उद्यमों को यह समझने में मदद मिली कि बिना बड़े निवेश के भी तकनीकी उन्नयन संभव है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि चरणबद्ध तरीके से तकनीक अपनाने से उद्यम तुरंत लाभ प्राप्त कर सकते हैं और भविष्य में उत्पादन क्षमता को आसानी से बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमियों, प्लांट प्रबंधकों, औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों तथा मंत्रालय के विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने तकनीक अपनाने की लागत, उपयुक्त सेवा प्रदाताओं के चयन, स्वचालन की व्यावहारिकता और छोटे उद्यमों में तकनीक की विस्तार क्षमता जैसे सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान प्रस्तुत किया।
बैठक के अंत में आगे की कार्ययोजना पर सहमति बनी। आगामी सप्ताहों में एमएसएमई इकाइयों का व्यक्तिगत संयंत्र निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें ‘‘डिजिटल तत्परता मूल्यांकन’’ किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन तकनीकों की पहचान की जाएगी जो उद्यम को तुरंत लाभ पहुंचा सकती हैं और वे व्यवस्थाएं भी चिन्हित की जाएगी जिन्हें भविष्य में चरणबद्ध रूप से लागू किया जा सकता है।
इस अवसर पर मैनेजर मधु शर्मा, रैम्प सलाहकार आशुतोष शर्मा, सीईएल टीम से धीरज यादव तथा लघु उद्योग संघ के महासचिव इंदर ठाकुर उपस्थित रहे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

जिला के 1111 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 9 से 23 अप्रैल तक मनाया जाएगा पोषण पखवाड़ा

जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क का अधिकतम विकास सुनिश्चित करने हेतु 8वां पोषण पखवाड़ा शुरू एएम नाथ।  बिलासपुर 09 अप्रैल: जिला कार्यक्रम अधिकारी बिलासपुर नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अंतिम पंक्ति में बैठे जरूरमंद व्यक्ति तक पहुंच रही कल्याणकारी योजनाएं : गोमा

एएम नाथ। धर्मशाला 21 अक्तूबर। आयुष एवं युवा सेवाएं खेल मंत्री, जिला योजना,विकास एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष यादविंदर गोमा ने कहा है कि प्रदेश सरकार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम...
article-image
हिमाचल प्रदेश

अटल टनल रोहतांग यूपीए सरकार की देन : मनमोहन सरकार में कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसकी आधारशिला रखी थी : विक्रमादित्य सिंह

एएम नाथ।  मंडी : मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अटल टनल रोहतांग यूपीए सरकार की देन है। मनमोहन सरकार में कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी...
article-image
पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

हमले के वक्त नहीं दिखे 175 मुलाजिम : रंधावा और पुलिसकर्मियों की हरकतें संदिग्ध – बिक्रम मजीठिया

अमृतसर :  अमृतसर में गोल्डन टेंपल के बाहर सजा पूरी कर रहे सुखबीर बादल पर हुए हमले के मामले में अकाली दल ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। बिक्रम मजीठिया...
Translate »
error: Content is protected !!