बुलाते थे काॅल गर्ल्स…. एक दिन में खर्च कर देते थे 20 से 25 लाख : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला: जांच में बड़े खुलासे, 200 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त

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पंचकूला : आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच कर रही एजेंसियों ने आरोपितों की कथित वित्तीय गतिविधियों को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, बैंक कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य आरोपितों ने कथित रूप से गबन किए गए धन का इस्तेमाल लग्जरी जीवनशैली, यात्राओं, महंगी गाड़ियों और प्रॉपर्टी खरीदने में किया।

जांच के मुताबिक, हरियाणा सरकार के आठ विभागों, चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों और दो निजी स्कूलों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये निकाले गए। आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल पार्टियों, विदेशी यात्राओं और महंगी खरीदारी में किया गया।

पार्टियों पर लाखों रुपये खर्च करने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, घोटाले के मुख्य आरोपित और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि ने जीरकपुर स्थित ‘जेड मैनर’ में पार्टियों का आयोजन किया। इन आयोजनों के लिए कथित तौर पर एक दिन का किराया करीब 1 लाख रुपये दिया जाता था।

ईडी की पूछताछ में ऋषि द्वारा डांसर्स, मनोरंजन गतिविधियों और अन्य इंतजामों पर खर्च किए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, एक आयोजन पर 20 से 25 लाख रुपये तक खर्च किए गए।

विदेश यात्राओं और लग्जरी सामान पर खर्च

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों और उनके सहयोगियों के लिए थाईलैंड, दुबई और गोवा जैसी जगहों की यात्राओं का आयोजन किया गया। इन यात्राओं में फ्लाइट टिकट, महंगे होटलों में ठहरने और अन्य खर्च शामिल थे। एजेंसियों के अनुसार, इन गतिविधियों पर कुल करीब 2.01 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

करोड़ों रुपये की लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं

जांच एजेंसियों का दावा है कि गबन किए गए करीब 4.92 करोड़ रुपये से छह लग्जरी वाहन खरीदे गए। इनमें मर्सिडीज ई-20, टोयोटा फॉर्च्यूनर, रेंज रोवर और टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस जैसी गाड़ियां शामिल हैं।

आरोप है कि इनमें से कुछ वाहन बैंक अधिकारियों, बिचौलियों और अन्य संबंधित लोगों के लिए खरीदे गए।

ईडी ने 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त कीं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में 200.84 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त करने की जानकारी दी है। इनमें करीब 179.84 करोड़ रुपये की 21 अचल संपत्तियां और 21 करोड़ रुपये की 23 चल संपत्तियां शामिल हैं।

रियल एस्टेट कारोबारी पर भी आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वधवा को कथित तौर पर बड़ी रकम मिली। एजेंसियों का दावा है कि इस धन से चंडीगढ़ और मोहाली क्षेत्र में कई संपत्तियां खरीदी गईं, जिनमें मकान, प्लॉट और फार्महाउस शामिल हैं।

मामले में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

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