मेडिकल स्टोर पर हुई फायरिंग; इलाज के दौरान झोट्टा ने तोड़ा दम, कांग्रेस और अकाली दल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मानसा, 13 अक्टूबर। पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोट्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस गोलीबारी में उनका एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका उपचार जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना एक मेडिकल स्टोर पर हुई। मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार पर गोली चलाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि परमिंदर सिंह अपने घायल साथी के साथ दवा लेने के लिए दुकान पर पहुंचे थे। घटना के समय झोट्टा कथित तौर पर फेसबुक पर लाइव थे। इसी दौरान उन पर फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि के आधार पर आगे की जानकारी स्पष्ट होगी।
नशे के खिलाफ अभियान को लेकर चर्चा में थे झोट्टा
परमिंदर सिंह झोट्टा पिछले कुछ वर्षों से पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह विशेष रूप से उन मेडिकल दुकानों के खिलाफ आवाज उठाते थे, जहां कथित तौर पर नशीली गोलियां बेचे जाने के आरोप लगते थे। घटना वाले दिन भी वह अपने साथी के साथ मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि उनके साथी ने वहां कथित तौर पर नशीली दवा खरीदी थी। इसी दौरान हुई गोलीबारी में झोट्टा की जान चली गई।
राजा वड़िंग ने सरकार की नशा विरोधी नीति पर उठाए सवाल
परमिंदर सिंह की हत्या पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दुख जताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हुई हत्या कानून-व्यवस्था की विफलता और सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
वड़िंग ने कहा कि परमिंदर सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उनकी पहल को सरकार से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वड़िंग के मुताबिक, वर्ष 2023 में झोट्टा की गिरफ्तारी के दौरान उनकी उनके पिता और परिवार से संक्षिप्त मुलाकात भी हुई थी।
बिक्रम मजीठिया ने भी कानून-व्यवस्था पर घेरा
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झोट्टा नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को अपने कैमरे पर लाइव दिखा रहे थे, तभी उन पर गोली चलाई गई। मजीठिया ने पंजाब में नशे की समस्या और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। इस घटना के बाद पंजाब में नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
नोट: मेडिकल स्टोर मालिक पर लगाए गए आरोपों और घटना के अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
