अगले शैक्षणिक सत्र तक स्कूल को बेहतर बनाने का लक्ष्य; स्पीति में स्किल ट्रेनिंग और पर्यटन से जुड़े कोर्स भी होंगे शुरू
एएम नाथ। काजा (लाहौल-स्पीति)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने काजा स्थित सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने, लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए पर्याप्त धनराशि देने का आश्वासन भी दिया।
विद्यार्थियों ने काजा स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के स्पीति क्षेत्र में सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई करने का अवसर मिलने से उन्हें बेहतर शैक्षणिक संभावनाएं मिलेंगी।
छात्रावास में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा
संवाद के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि स्कूल में 85 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें से 46 छात्राएं छात्रावास में रहती हैं। छात्रा ने हॉस्टल में रसोइये, सफाई कर्मचारी और महिला वार्डन की कमी का मुद्दा उठाया।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षकों के लिए भी अलग आवासीय ब्लॉक तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार काजा में बेहतर स्कूल विकसित करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी।
अगले शैक्षणिक सत्र तक स्कूल को बेहतर बनाने का लक्ष्य
विद्यार्थियों ने कक्षाओं में ठंड और पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण पढ़ाई में आ रही दिक्कतों से भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने स्कूल के भवन और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए धन उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल को बेहतर स्वरूप प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और इसे अगले शैक्षणिक सत्र तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक छात्रा ने पाठ्यक्रम में पर्यावरण अध्ययन को शामिल करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण बचेगा तभी हम भी बचेंगे।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आगामी शैक्षणिक सत्र से नैतिक शिक्षा शुरू करने जा रही है, जिसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
स्पीति में पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। एक छात्र के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र में पर्यटन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाएं विकसित कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल दिवस का आयोजन स्पीति में किए जाने के बाद क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां आइस हॉकी स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग और स्किल ट्रेनिंग पर जोर
एक विद्यार्थी ने स्पीति घाटी के छात्रों के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की, ताकि उन्हें पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घाटी से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जल्द ही स्किल ट्रेनिंग कोर्स शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र से संबंधित विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस अवसर पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा भी उपस्थित थीं।
