मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के लिए सालाना 53.21 करोड़ रुपये का आवंटन : मुख्यमंत्री सुक्खू

by

रोहित भदसाली। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नई पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विधवा, बेसहारा, तलाकशुदा महिलाओं और विकलांग माता-पिता को उनके बच्चों की शिक्षा और कल्याण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस योजना के लिए सालाना 53.21 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित करेगी।
उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य दो विशिष्ट आयु समूहों को सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं और विकलांग माता-पिता को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए 1000 रुपये का मासिक अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा या व्यावसायिक पाठयक्रमों में प्रवेश पाने वाले बच्चों को ट्यूशन और छात्रावास का खर्च वहन करने के लिए भी सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक और वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण विधवा और परित्यक्त महिलाओं को अपने बच्चों का पालन-पोषण करने में बहुत कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ये महिलाएं विशेष रूप से कमजोेर हैं और उन्हें खुद का अस्तित्व बनाए रखने व अपने बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक नैतिक और वित्तीय सहायता की कमी है। इस योजना का उद्देश्य पारिवारिक स्तर पर बाल संरक्षण को सुदृढ़ कर बाल शोषण, तस्करी, बाल विवाह और मादक पदार्थों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को रोकना है।
उन्होंने कहा कि विकलांगता, बेरोजगारी और गरीबी के दृष्टिगत ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ विकलांग माता-पिता के बच्चों की जरूरतों को भी पूरा करती है। सभी पात्र महिलाएं, बच्चे और व्यक्ति जिनकी पारिवारिक आय एक लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं है, इस योजना के अंतर्गत लाभ ले सकेंगे। इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्थानीय बाल विकास परियोजना अधिकारी के पास आवेदन किया जा सकता है।
श्री सुक्खू ने कहा कि कमजोेर परिवारों के लिए एक उचित माहौल को बढ़ावा देना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक शिक्षा और देखभाल मिले।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही पहले दिन से ही वंचित वर्गों को सशक्त बनाने कोे प्राथमिकता दी है और उन्हें समर्थन देने के लिए कई पहल शुरू की हैं। समाज के कुछ वर्ग ऐसे हैं जो अपनी शिकायतें और कठिनाइयां लेकर हमारे पास नहीं आ पाते हैं लेकिन एक संवेदनशील सरकार के रूप में हम हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा ने सनवाल स्कूल में बांटा बाल-अधिकारों के साथ नशे की बुराई का ज्ञान

सोशल मीडिया में चल रही ब्लैकमेलिंग सहित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में किया जागरूक एएम नाथ। चम्बा :  चाइल्ड हेल्पलाइन चंबा ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सनवाल में बच्चों, अध्यापकों...
article-image
हिमाचल प्रदेश

धर्मपुर में खोला जाएगा जिला स्तरीय ग्रामीण प्रशिक्षण रोजगार संस्थान – पंचायतों में विकास की गति के लिए नई कार्य योजना पर काम – अनिरुद्ध सिंह

धर्मपुर (मंडी), 4 जनवरी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नई कार्ययोजना को लेकर काम कर रही है।...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

अब एलएमवी लाइसेंस धारक भी चला सकते -7500 किलोग्राम तक के कमर्शियल वाहन : सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

अब हल्के मोटर वाहन यानी एलएमवी लाइसेंस धारक भी 7500 किलोग्राम तक के कमर्शियल वाहन चला सकेंगे. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 नवंबर 2024) को इसे लेकर बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने ये...
article-image
हिमाचल प्रदेश

10वीं और 12वीं के प्रश्नपत्र तीन अलग-अलग सीरीज में होंगे……जानें कब होगा एग्जाम

एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने मार्च में होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र का पैटर्न नहीं बदलने का निर्णय लिया है। पहले बोर्ड...
Translate »
error: Content is protected !!