‘मेरे शहर के 100 रतन’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम का 68 निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षा मंत्री ने शुभारंभ किया : सरकारी स्कूल शिक्षा में उत्कृष्टता के उच्च मानक कर रहे स्थापितः रोहित ठाकुर

by
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि आजादी के समय हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर लगभग 8 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 88 प्रतिशत से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अग्रणी राज्यों में शुमार होने का श्रेय राज्य के सरकारी स्कूलों द्वारा स्थापित उच्च मानकों को दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू और हमारे प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार ने भी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ग्रहण करके उच्च मुकाम हासिल किया।
शिक्षा मंत्री ने आज यहां जी पंजाब हरियाणा हिमाचल के सहयोग से क्रैक अकादमी द्वारा राज्य के सभी 68 निर्वाचन क्षेत्रों में ‘मेरे शहर के 100 रतन’ छात्रवृत्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह अकादमी सिविल सेवा, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान करती है। यह अकादमी हिमाचल के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 100 छात्रों का चयन कर इन्हें छात्रवृति प्रदान करेगी। जिसके लिए प्रथम मई, 2024 को छात्रवृत्ति के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस छात्रवृत्ति से प्रदेश के मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा, जो आर्थिक या अन्य संसाधनों की कमी के चलते कोचिंग संस्थानों में शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकते।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी देश, दुनिया व प्रदेश के उच्च संस्थानों और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस शिक्षा प्रणाली के कारण ही हिमाचल में प्रति व्यक्ति भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों का अनुपात देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है और हिमाचल प्रति व्यक्ति आय के मामले में सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अधोसंरचना के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय अवसर प्रदान करने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 15 लाख छात्र हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत सरकारी संस्थानों में हैं। राज्य सरकार ने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में अधिक विद्यार्थी जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अन्तर्गत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल भी बना रही है।
इस अवसर पर महापौर शिमला सुरेंद्र चौहान, पार्षद उमंग बंगा, जी पंजाब हरियाणा हिमाचल के संपादक दीपक धीमान, क्रैक अकादमी के सीईओ नीरज कंसल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

पंचायतों में रिक्त पदों को भरने के लिए मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण शुरू

ऊना, 15 जुलाई। पंचायती राज संस्थाओं में किसी कारणवश रिक्त हुए पदों को भरने के लिए संबंधित पंचायतों में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस बारे जानकारी देते हुए जिला...
article-image
हिमाचल प्रदेश

चंबा ज़िला ने आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम में देशभर में प्राप्त किया प्रथम स्थान

स्वास्थ्य एवं पोषण में ज़िला चंबा ने अर्जित की एक और उपलब्धि उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नीति आयोग से ज़िला को अब तक मिली 22 करोड़ की प्रोत्साहन राशि : मुकेश रेपसवाल एएम नाथ। चम्बा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

पनव ने अपने पिगी बैंक से सीएम राहत कोष में दान किए 51 सौ रूपये

ऊना, 14 जुलाई – आपदा की इस घड़ी में सभी लोग अपनी सामर्थय के अनुसार सरकार एवं प्रशासन के माध्यम से लोगों की सहायता करने के लिए आगे आ रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

1400 से अधिक पदों को भरने की मंजूरी : सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को दी मंजूरी

एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग कारणों से पहले...
Translate »
error: Content is protected !!