‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत जनसमस्याओं के समाधान के निर्देश; पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक देने की योजना अगले महीने होगी शुरू
एएम नाथ। चम्बा, 6 नवंबर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार शाम भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मैहला ग्राम पंचायत के दूरदराज गांव मैहला में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने गांव में रात्रि ठहराव कर स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों के लिए यह विशेष अवसर रहा, क्योंकि पहली बार प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री इस सुदूर गांव में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर उनकी चुनौतियों को समझा और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का आनंद भी लिया।
गांव में रात्रि ठहराव का उद्देश्य समस्याओं को करीब से समझना
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम गांवों में रात्रि ठहराव का उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं, चिंताओं और चुनौतियों को नजदीक से जानना है, ताकि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ‘सरकार गांव के द्वार’ प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। सरकार जनसमस्याओं के समाधान और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह अभिनव पहल है, जिसके तहत मुख्यमंत्री सरकारी विश्राम गृहों तक सीमित रहने के बजाय गांव के घर में रात्रि ठहराव कर सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं।
मैहला के 172 परिवार योजना के लिए चिन्हित
मुख्यमंत्री ने बताया कि मैहला ग्राम पंचायत के 172 परिवारों को ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत चिन्हित किया गया है। प्रदेश में अगले महीने इस योजना का शुभारंभ किया जाएगा। इसके तहत 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार में तीन पात्र महिलाएं हैं तो तीनों को योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने मैहला में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल शुरू करने की घोषणा भी की।
प्राकृतिक खेती के जौ का समर्थन मूल्य 80 रुपये प्रति किलो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। पिछले वर्ष चम्बा जिले की पांगी घाटी में प्राकृतिक खेती से उत्पादित 107 क्विंटल जौ की खरीद 70 रुपये प्रति किलो की दर से की गई थी। अब इसका खरीद मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि गाय के दूध का खरीद मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति किलो तथा भैंस के दूध का खरीद मूल्य 46 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति किलो किया गया है। दूध उत्पादकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन राशि भी 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गद्दी समुदाय के पशुपालकों को पशुधन के बेहतर दाम उपलब्ध करवाने के लिए नई योजना तैयार की जा रही है।
पेपर लीक मामलों में दोषियों पर कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा था। इन घटनाओं से मेधावी युवाओं को नुकसान पहुंचा था।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को कंप्यूटरीकरण के माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों में विभिन्न श्रेणियों के अतिरिक्त पदों को भी जल्द भरा जाएगा, ताकि सरकारी सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, कृषि उपज मंडी समिति चम्बा के अध्यक्ष ललित ठाकुर तथा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
