नशे, अपराध, भ्रष्टाचार और अधूरे वादों को लेकर कांग्रेस ने मांगा जवाब; ‘पंजाब मांगे हिसाब’ के नारे के साथ सरकार को घेरने की तैयारी
लुधियाना। लुधियाना से सांसद और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के पांच साल के कार्यकाल को लेकर नशे, अपराध, भ्रष्टाचार और अधूरे वादों पर सवाल उठाए। लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने बदलाव की उम्मीद से भगवंत मान सरकार को मौका दिया था, लेकिन अब सरकार को अपने कामकाज का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को राहुल गांधी पंजाब में आप सरकार के कार्यकाल से जुड़े इन मुद्दों को जनता के सामने रखेंगे।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
राजा वड़िंग ने नशे के कारण हो रही मौतों और नशा तस्करी पर चिंता जताते हुए गुलजार सिंह और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले मानसा के कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने और कथित नशा सप्लायरों का विरोध करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने हेरोइन बरामदगी के एक मामले में आप से जुड़े सरपंच परमजीत सिंह की कथित गिरफ्तारी और विधायक सरवन सिंह धुन के भतीजे की कथित गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। वड़िंग ने दावा किया कि वर्ष 2025 में ड्रोन के जरिये नशा तस्करी से जुड़े देश के 305 मामलों में से 298 पंजाब में दर्ज हुए थे।
लुधियाना में हत्या के मामलों पर चिंता
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर वड़िंग ने एनसीआरबी के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024 में लुधियाना 34 प्रमुख भारतीय शहरों में हत्या के मामलों की संख्या के लिहाज से दूसरे स्थान पर था। उनके अनुसार, शहर में हत्या के 56 मामले दर्ज किए गए। उन्होंने दिनदहाड़े गोलीबारी, गैंगवार, कबड्डी खिलाड़ियों की हत्या, कारोबारियों से फिरौती मांगने और विदेशों में रहने वाले भारतीयों को निशाना बनाने की घटनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिसकर्मियों एएसआई हरजीत सिंह, जोगा सिंह और इकबाल सिंह की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों और कारोबारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कथित घोटालों की पारदर्शी जांच की मांग
भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद ने कथित पांच करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले, मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित ट्रांसफर रैकेट तथा मंत्रियों और विधायकों से जुड़े विवादों का उल्लेख किया। उन्होंने पंजीरी, धान खरीद और एटलस बिल्डर्स से संबंधित कथित घोटालों की भी चर्चा की। वड़िंग ने मांग की कि इन मामलों की पारदर्शी जांच करवाई जाए और जहां अनियमितताएं साबित हों, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।
एमएसपी और कर्मचारियों के डीए का मुद्दा उठाया
वड़िंग ने कहा कि किसानों को 22 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की मांग और सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) के बकाया जैसे मुद्दों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने बरगाड़ी न्याय के मुद्दे पर सरकार के रवैये की आलोचना की और श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े मामले में विधेयक की भाषा तथा उसे लेकर उठे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस परिणाम देने के बजाय जनसंपर्क पर अधिक ध्यान दे रही है।
हर मुद्दे पर जवाबदेही की मांग करेगी कांग्रेस
राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस अधूरे वादों, कथित घोटालों और राज्य में सामने आई आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर को राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान आप सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दे जनता के सामने रखे जाएंगे। ‘पंजाब मांगे हिसाब’ का नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार से नशे, अपराध, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों पर जवाबदेही की मांग करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय तलवार, पूर्व विधायक राकेश पांडे और सुरिंदर डाबर, सिमरजीत बैंस, पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान, बलविंदर बैंस, जगतार सिंह हिसोवाल, रमन सुब्रमण्यम, निर्मल कैरा, मलकीत सिंह दाखा, केके बावा और मनजीत हंबड़ा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
