पीएम मोदी के ‘रॉकेट लॉन्च’ वाले तंज पर कांग्रेस सांसद का पलटवार; बोले- राहुल गांधी को नजरअंदाज करने के बजाय उनके बढ़ते जनसमर्थन पर ध्यान दे भाजपा
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर किए गए तंज को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। थरूर ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी को लगातार निशाने पर इसलिए ले रही है, क्योंकि वह उनकी बढ़ती लोकप्रियता को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को गैर-गंभीर नेता बताने का प्रयास करने के बजाय भाजपा को युवाओं के बीच उनके बढ़ते प्रभाव पर ध्यान देना चाहिए।
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि श्रीहरिकोटा से एक साल में जितने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, उससे अधिक बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिश करती है।
थरूर ने इस टिप्पणी पर असहमति जताते हुए कहा कि भाजपा का यह दावा गलत है कि राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं। उनके मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने युवा मतदाताओं के बीच नया उत्साह पैदा किया है। थरूर ने कहा कि भाजपा उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय उनकी राजनीतिक गतिविधियों और जनता के बीच बन रही छवि पर ध्यान दे रही है।
‘राहुल गांधी को गंभीरता से ले रही भाजपा’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को लगातार निशाने पर लेना इस बात का संकेत है कि भाजपा उन्हें राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को नाकाम नेता के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है, जबकि उनके अनुसार युवा मतदाताओं के बीच राहुल गांधी को लेकर उत्साह बढ़ा है।
कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र को लेकर भी दिया जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार को लेकर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि यह परिवार कांग्रेस के लिए बोझ बन चुका है और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता निजी बातचीत में इस बात को स्वीकार करते हैं।
थरूर ने इस दावे को खारिज करते हुए कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का हवाला दिया। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि कई मौकों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग विचार व्यक्त करने के बावजूद वह कांग्रेस में बने हुए हैं, पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।
थरूर के मुताबिक, पार्टी में अलग राय रखने का अर्थ यह नहीं है कि किसी नेता को नजरअंदाज कर दिया जाता है या उसे संगठन से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने इसे कांग्रेस में विचारों की विविधता और आंतरिक लोकतंत्र का उदाहरण बताया।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी आमने-सामने भाजपा-कांग्रेस
राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।
एक ओर प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं, वहीं थरूर ने राहुल गांधी की भूमिका का बचाव करते हुए भाजपा की आलोचना की है। दोनों पक्षों के बयानों से साफ है कि मतदाता सूचियों और राहुल गांधी के राजनीतिक नेतृत्व को लेकर विवाद राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
