राहुल गांधी ने लगाया था ‘वोट चारी’ का आरोप : SIT ने लिया बड़ा एक्शन, पहली गिरफ्तारी

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नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोप पर कर्नाटक पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. राहुल गांधी ने पांच नवंबर को हरियाणा में वोट चोरी किए जाने का आरोप लगाया था।

इससे पहले उन्होंने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटे जाने का आरोप लगाया था. इस मामले की जांच कर रही कर्नाटक की एसआईटी ने पहली गिरफ्तारी की है।

इंडियन एक्सप्रेस अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के घुगुरागाछी-हंस्काली क्षेत्र से 27 वर्षीय बापी अध्य को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया और गुरुवार को बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश किया गया. यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आलंद और एक अन्य निर्वाचन क्षेत्र में कथित वोट चोरी का आरोप लगाया था. एसआईटी ने अदालत में 14 दिन की हिरासत की मांग करते हुए बताया कि बापी अध्य ने मतदाताओं के नाम काटने के लिए ‘ओटीपी बायपास’ सेवाएं प्रदान की थीं. जांच में पता चला कि कलाबुर्गी के एक डेटा सेंटर से प्रत्येक ‘ओटीपी बायपास’ के लिए 700 रुपये की राशि बापी के बैंक खाते में ओटीपीबाजार वेबसाइट के माध्यम से जमा की गई थी. यह राशि फर्जी पहचान और फोन नंबरों का उपयोग कर निर्वाचन आयोग की ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने और अवैध मतदाता हटाने के अनुरोध करने के लिए दी गई थी।

ओटीपी बाजार वेबसाइट के माध्यम से पेमेंट : एसआईटी ने बताया कि ओटीपीबाजार वेबसाइट के माध्यम से डेटा सेंटर ऑपरेटर के खाते से निकासी का पैसा भारतपे पेमेंट गेटवे के जरिए बापी के इंडसइंड बैंक खाते में जा रहा था. तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि बापी नदिया जिले में था, जिसके बाद एसआईटी की एक टीम ने उसे पकड़ने के लिए वहां भेजा. जांच में यह भी सामने आया कि 2022-23 में आलंद में मतदाता नाम हटाने के अनुरोध के लिए ईसीआई की ऑनलाइन सेवाओं में पंजीकरण करने वाले 17 राज्यों के 75 फोन नंबरों को ओटीपीबाजार की ओटीपी बायपास सेवाओं के माध्यम से अवैध रूप से उपयोग किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार इन 75 फोन नंबरों के मालिकों को इस दुरुपयोग की जानकारी नहीं थी. आलंद के 5,994 मतदाताओं को हटाने के लिए 3,000 से अधिक फर्जी नंबरों का उपयोग किया गया था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि ईसीआई से ओटीपी कलबुर्गी में अवैध मतदाता हटाने वाले ऑपरेटरों को तुरंत प्राप्त हो रहे थे. बापी को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है और एसआईटी को उम्मीद है कि यह पता लगाया जा सकेगा कि वह ईसीआई की ऑनलाइन सेवाओं के लिए ‘ओटीपी बायपास’ कैसे शुरू कर पाया. एसआईटी ने बापी के पास से दो लैपटॉप और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।

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