लोकगीतों में जनजीवन पर आधारित पुस्तक भेंट:— DC आबिद हुसैन सादिक बिलासपुर ने की सराहना

by
बिलासपुर, 21 नवंबर :   वरिष्ठ साहित्यकार रामलाल पाठक ने अपनी हाल ही में प्रकाशित पुस्तक “लोकगीतों में जनजीवन” वीरवार को उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल और अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल को भेंट की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुस्तक के लिए रामलाल पाठक की सराहना करते हुए इसे लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का उत्कृष्ट प्रयास बताया।
उपायुक्त ने की पुस्तक की प्रशंसा
उपायुक्त बिलासपुर आबिद हुसैन सादिक ने पुस्तक की प्रशंसा करते हुए कहा कि “लोकगीतों में जनजीवन” पुस्तक जिला बिलासपुर की युवा पीढ़ी को समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोकगीत, लोकनृत्य और लोक परंपराओं से परिचित कराने का अनूठा प्रयास है। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक हमारी संस्कृति के विविध आयामों को समझने और उसे संजोने में सहायक सिद्ध होगी। रामलाल पाठक का यह प्रयास प्रेरणादायक है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने में मदद करेगा।”
SP संदीप धवल ने सांस्कृतिक संरक्षण की सराहना :
May be an image of 2 people and text
पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने लेखक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और रीति-रिवाजों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा, “इस पुस्तक में संकलित कहानियां और तथ्य युवा पीढ़ी को हमारी पुरानी संस्कृति और परंपराओं को समझने में मदद करेंगे। यह प्रयास समाज और संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
ADC डॉ. निधि पटेल ने दी शुभकामनाएं : 
May be an image of 2 people and text
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने कहा कि रामलाल पाठक ने लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए जो प्रयास किए हैं, वे अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा, “यह पुस्तक न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने में सहायक है, बल्कि परंपराओं को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त करती है।”
लेखक की उपलब्धियां और पृष्ठभूमि :   गांव निहारखन बासला (चिड़की), डाकघर ब्रह्मपुखर, तहसील सदर निवासी रामलाल पाठक एक किसान और प्रख्यात लेखक हैं। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में चार दशकों तक उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके दर्जनों लेख प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं जैसे वीर प्रताप, जनसत्ता, दैनिक ट्रिब्यून, अजीत समाचार और हिमाचल दस्तक में प्रकाशित हो चुके हैं। गिरिराज साप्ताहिक, हिमप्रस्त, पंचजगत, सोमसी और हिमभारती में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है।
पुस्तक का महत्व :  “लोकगीतों में जनजीवन” पुस्तक न केवल जिला बिलासपुर के लोकगीतों की समृद्ध परंपरा को उजागर करती है, बल्कि समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन की झलक भी प्रस्तुत करती है। इसमें जन्म संस्कार गीत, विवाह संस्कार गीत, लोक नाटक दहजा, मोहना गीत, गंभरी देवी की जीवनी, गुगा गाथा, फूला चंदेल के पारंपरिक लोक नृत्य और हिमाचल की बोलियों का संकलन किया गया है। यह पुस्तक लोक संस्कृति को जीवित रखने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , समाचार , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

7 की मौत : चंबा में बोलेरो 500 मीटर गहरी खाई में गिरी…मुंडन संस्कार से लौट रहा परिवार बना काल का ग्रास

सपरोठ पंचायत में मातम, बोलेरो दुर्घटना में एक ही गांव के सात लोगों की मौत एएम नाथ। चंबा :  हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में वीरवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात लोगों...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

Video देख फट जाएगा कलेजा : सब को माफ करते हुए…हरीश राणा की इच्छा मृत्यु का भावुक पल

केभी-कभी जिंदगी इंसान को ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहां उम्मीद और दर्द के बीच की रेखा धुंधली पड़ जाती है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले एक...
हिमाचल प्रदेश

जनगणना के बोझ तले दब रही शिक्षा, शिक्षकों ने उठाए सवाल : दुर्गम क्षेत्रों में अध्यापकों पर बढ़ता अतिरिक्त भार, पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका

‘शिक्षक पढ़ाएं या जनगणना करें?’ सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर चिंता एएम नाथ। चंबा : हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों पर लगातार बढ़ रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर चिंता बढ़ती जा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

गांव कलसुई में किसान मेला आयोजित : मेले में किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे किया जागरूक

एएम नाथ। चंबा, 23 फरवरी : उपनिदेशक कृषि विभाग डॉ कुलदीप धीमान जानकारी देते हुए बताया कि विकासखंड मैहला के गांव कलसुई में हिमालयन बन अनुसंधान केंद्र शिमला के तत्वावधान में कृषि मेले का...
Translate »
error: Content is protected !!