मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में 12वीं बैठक; वन्यजीवों की सुरक्षा, बंदरों की पंचायतवार गणना और बनखंडी प्राणी उद्यान के निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर
एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक आधारभूत ढांचे के विस्तार और सड़क सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर राज्य वन्यजीव बोर्ड की 12वीं बैठक में चर्चा के बाद मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में गैर-वानिकी कार्यों के लिए वन भूमि के उपयोग, औद्योगिक इकाइयों के विस्तार, सीमावर्ती चौकियों की स्थापना और वन्यजीव अभयारण्यों के भीतर सड़क उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
संसारपुर टैरेस में दवा निर्माण इकाई को मंजूरी
बोर्ड ने कांगड़ा जिले के संसारपुर टैरेस औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में प्लॉट नंबर 53 और 54 पर मैसर्स सीएमजी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड की सक्रिय औषधि सामग्री (एपीआई) और इंटरमीडिएट्स निर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
बैठक में औद्योगिक विकास से संबंधित मैसर्स गोयल फर्नेस प्राइवेट लिमिटेड की मौजूदा सेकेंडरी मेटलर्जिकल इकाई के विस्तार प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके तहत एमएस इंगोट्स की वार्षिक उत्पादन क्षमता 19,200 टन से बढ़ाकर 96,600 टन करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त इंडक्शन फर्नेस, कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन और रोलिंग मिल स्थापित कर प्रतिवर्ष 77,280 टन राउंड, एंगल, चैनल, टीएमटी बार और फ्लैट्स का उत्पादन करने की योजना है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के प्रस्ताव
बैठक में लाहौल-स्पीति जिले की स्पीति तहसील के लालुंग और धार चोकुला, काजा में बॉर्डर आउट पोस्ट लालुंग की स्थापना के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 17वीं बटालियन के पक्ष में 1.78.20 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
किन्नौर जिले में फॉरवर्ड पोस्ट निथल थाच की स्थापना के लिए आईटीबीपी की दूसरी बटालियन के पक्ष में 1.60 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी विचाराधीन रहा। इसके अलावा सांगला तहसील में नागस्ती के समीप उत्तरी सीमा पर सैन्य आधारभूत ढांचे के विकास के लिए रकछम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य के भीतर 0.275 हेक्टेयर वन भूमि 11 महार रेजिमेंट/मुख्यालय 136 (स्वतंत्र) इन्फैंट्री ब्रिगेड समूह के पक्ष में हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
शिकारी देवी अभयारण्य में सड़क उन्नयन
मंडी जिले के सराज वन मंडल में शिकारी देवी वन्यजीव अभयारण्य के भीतर भुलाह-शिकारी देवी सड़क के विस्तारीकरण और उन्नयन के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के सराज मंडल के पक्ष में 4.72 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
सरकार के अनुसार, इन प्रस्तावों पर लागू वैधानिक प्रावधानों, पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया गया तथा सभी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
सड़क हादसों में वन्यजीवों की मौत रोकने पर जोर
बैठक में मंडी जिले के सुकेत वन मंडल में कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग-154 के पुंग-भुवाणा टनल खंड पर सड़क दुर्घटनाओं के कारण वन्यजीवों को हो रहे नुकसान को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं में उनकी मौत की घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव विंग से बंदरों की संख्या का पंचायतवार आंकड़ा भी मांगा। उन्होंने कांगड़ा जिले के देहरा स्थित बनखंडी में निर्माणाधीन दुर्ग
