गढ़शंकर। गांव पिपलीवाल में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास शास्त्री श्री जगमोहन दत्त जी महाराज ने भागवत कथा में परीक्षित मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए कहा ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य और राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का वर्णन किया। उन्होनों ने कहा श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है।
भागवत कथा मनुष्य को धर्म, सत्य, करुणा और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के अनेक कष्ट स्वतः ही दूर होने लगते हैं और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति का अंतर्मन शुद्ध होता है और उसे ईश्वर के निकट होने का अनुभव प्राप्त होता है। राजा परीक्षित के जन्म की कथा का वर्णन कर बताया कि राजा परीक्षित का जन्म महाभारत युद्ध के बाद हुआ था। अश्वत्थामा द्वारा छोड़े गए ब्रह्मास्त्र से गर्भ में स्थित शिशु को बचाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं गर्भ में प्रवेश कर बालक की रक्षा की।
इसी कारण बालक का नाम परीक्षित पड़ा, क्योंकि वह जन्म से ही भगवान का साक्षात दर्शन कर चुका था। राजा परीक्षित की कथा हमें यह सिखाती है कि ईश्वर अपने भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं और सच्चे भक्त को कभी निराश नहीं करते। कथा के बाद भगवान की आरती की गई और प्रसाद वितरण किया। कथा दौरान लंगर का चल रहा है। रविंदर बिंदु भूंबला ने बताया कि कल मुफ्त मेडिकल कैंप भी लगाया जा रहा है। जिसमें बिभिन्न रोगों के माहिर डॉक्टर मरीजों का चेकअप कर मुफ्त दवाईआं वितरित करेगें।
इस दौरान पूर्व सरपंच कमलजीत बिट्टू , गूजर वेलफेयर बोर्ड के जिला चेयरमैन सुरेश उर्फ़ शशि फौजी, रविंदर बिंदु भूंबला , पिंका भूंबला, लेक्चरार पवन शर्मा , नरेश कंबाला , गौरव कटारिया , तिलक राज, नम्बरदार जयराम, सुरेश कुमार आदि मौजूद थे।
फोटो : कथा व्यास शास्त्री श्री जगमोहन दत्त जी कथा करते हुए और कथा श्रवण करते हुए हजारों भक्तगण।
