गढ़शंकर : श्री गुरु अमरदास महाराज जी का ज्योति ज्योत दिवस और ज्ञानी दित्त सिंह जी की पुण्यतिथि श्री गुरु रविदास जी की ऐतिहासिक तपस्थल श्री खुरालगढ़ साहिब में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। तपस्थल श्री खुरालगढ़ साहिब के मुख्य सेवादार बाबा केबल सिंह जी के जत्थे द्वारा संगत को तपस्थल के इतिहास से जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि श्री गुरु अमरदास महाराज 1 सितंबर, 1574 ई. को ज्योति जोत समा गए थे। धन्य-धन्य गुरु अमरदास महाराज जी ने जाति-पाति, दहेज प्रथा और पर्दा प्रथा का खंडन करते हुए संगत को सत्य के मार्ग से जोड़ा। बाबा केवल सिंह ने बताया कि प्रोफेसर ज्ञानी दित्त सिंह जी ने सिंह सभा आंदोलन की शुरुआत की और उन्होंने 72 पुस्तकें लिखकर पंथ को समर्पित कीं, खालसा अखबार शुरू किया, इसके बावजूद ज्ञानी जी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था, उन्हें जोड़े में बैठाकर देग प्रसाद दिया जाता था, रविदासिया समाज से संबंधित होने के कारण ज्ञानी दित्त सिंह जी को शिरोमणि कमेटी द्वारा उचित सम्मान नहीं दिया जाता था। आज के कार्यक्रम में दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इस अवसर पर बाबा केवल सिंह, बाबा नरेश सिंह, कैशियर हरभजन सिंह, बिंदर सिंह, सतपाल सिंह, बाबा सुखदेव सिंह जी उपस्थित थे।
