होशियारपुर। पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अविनाश राय खन्ना ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार सरकारी स्कूलों और स्कूली बच्चों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय सरकारी स्कूलों को अपनी राजनीतिक चमक-दमक और प्रचार का माध्यम बना रहे हैं।
खन्ना ने कहा कि स्कूली बच्चे किसी भी राजनीतिक दल की प्रचार सामग्री नहीं, बल्कि देश और प्रदेश का भविष्य हैं। बच्चों को राजनीति के लिए इस्तेमाल करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह शिक्षा की गरिमा के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान एक तरफ निजी स्कूलों को स्वार्थी बताकर जनता के सामने कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं, जबकि दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में मिलने वाली निःशुल्क शिक्षा और सरकारी सुविधाओं को अपनी राजनीतिक ब्रांडिंग एवं मशहूरी का जरिया बनाया जा रहा है।
पूर्व सांसद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल जनता के टैक्स के पैसे से चलते हैं, किसी राजनीतिक दल की लिमिटेड कंपनी नहीं हैं। लेकिन पंजाब सरकार जिस तरह सरकारी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले बच्चों की उपलब्धियों को राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि भगवंत मान सरकार ने सरकारी स्कूलों को शिक्षा के मंदिरों से बदलकर अपनी राजनीतिक मार्केटिंग का मंच बना दिया है।
खन्ना ने कहा कि सरकार को यदि वास्तव में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की चिंता है तो उसे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त शिक्षक, आधुनिक सुविधाएं, बेहतर आधारभूत ढांचा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। बच्चों की उपलब्धियों का श्रेय लेकर राजनीतिक प्रचार करना किसी भी सरकार की उपलब्धि नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ राजनीति नहीं, बल्कि उनके भविष्य के लिए राजनीति होनी चाहिए। पंजाब के मुख्यमंत्री को यह समझना होगा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला हर बच्चा पंजाब का भविष्य है और उसके भविष्य को किसी भी प्रकार की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का साधन बनाना बेहद शर्मनाक है।
खन्ना ने पंजाब सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों एवं स्कूली विद्यार्थियों को राजनीतिक प्रचार से दूर रखा जाए तथा शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक शोकेस बनाने के बजाय वास्तव में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दिया जाए।
